यूपी विधानसभा के सोमवार से शुरू हो रहे सत्र पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने ट्वीट के जरिए कहा है कि सरकार आम जनहित के जरूरी मुद्दे जैसे बढ़ती महंगाई, गरीबी, बेरोजगारी, सड़क, बिजली, पानी, शांति व्यवस्था और सुरक्षा की बदहाल स्थिति पर विशेष जिम्मेदारी का परिचय दे। इन्हें लेकर लोगों का जीवन त्रस्त व अस्त व्यस्त है।
मायावती ने विपक्ष को भी नसीहत दी है। उन्होंने कहा कि विपक्ष सरकार के वादों एवं दावों की याद दिलाए। सदन में उत्तरदायित्व बनाने तथा इन्हें इधर-उधर की बजाय तथात्मक बातें ही सदन में रखने को विवश करे। नियमों के तहत इनको इन मुद्दों के लिए बाध्य करना जरूरी है।
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यूपी विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सोमवार को विधानमंडल सत्र को लेकर सभी दलों की बैठक बुलाई जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे। सत्र हंगामेदार रहने की संभावना है। इसके जरिये सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों अपने-अपने एजेंडे को धार देने की रणनीति बनाने में जुटे हुए हैं।
मुख्य विपक्षी सपा के अलावा कांग्रेस व बसपा जहां टमाटर, छुट्टा पशु, महंगाई और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरने की कोशिश करेंगे, वहीं भाजपा भी विकास के मुद्दे पर केंद्रित रहते हुए पलटवार करने की पूरी तैयारी कर रही है।