यूपी की जनता सवा चार साल में त्रस्त हो चुकी है। यहां गुंडे, माफियाओं और आपराधियों का आतंक है। बदमाश पुलिसकर्मियों को मार रहे हैं और सरकार कुछ पैसे देकर अपने आपको जिम्मेदारी से मुक्त मान लेती है। ये बातें बसपा सुप्रीमो मायावती ने मंगलवार को लखनऊ में कहीं।
मायावती ने कहा कि यूपी में पुलिस भी अपराधियों से डर रही है। सरकारी कर्मचारी यहां सबसे ज्यादा असुरक्षित है। यूपी में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल और केंद्र सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
मायावती ने आरोप लगाया कि सपा मुखिया की वजह से ही यूपी में गंभीर अपराध होते हैं। उन्होंने कहा कि सपा जातिवादी, क्षेत्रवादी मानसिकता की है, यूपी में विकास रुक गया है। मायावती ने बीजेपी पर निशाना साधा और कहा दादरी, मथुरा और कैरानी सपा-बीजेपी की देन है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता असुरक्षित है इसलिए राज्यपाल को और केंद्र सरकार को अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
उन्होंने सपा सुप्रीमो ने मुख्तार की पार्टी के सपा के विलय की बात भी उठाई। उन्होंने कहा, विलय रद्द करना नाटक है। उन्होंने कहा कि दागियों को मंत्री बनाने से सपा का फायदा नहीं होगा। मायावती ने कहा कि यूपी सरकार जनता के लिए जरा भी गंभीर है तो अपनी सरकार से सभी अपराधियों को तत्काल बाहर कर देना चाहिए। सपा के अपराधियों, माफियों, गुंडों को जेल की सलाखों के पीछे भेज देना चाहिए लेकिन सपा ऐसा कतई नहीं कर सकती क्योंकि ऐसा करने से न केवल प्रदेश की जेलें छोटी पड़ जाएंगी बल्कि समाजवादी पार्टी खाली हो जाएगी।