बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा है कि अब भारत बनाम इंडिया के मामले पर पक्ष और विपक्ष दोनों ही घिनौनी राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को देश का नाम बदलने की स्थिति से पहले करना यह चाहिए था कि जब विपक्ष ने अपने संगठन का नाम इंडिया रखा था तभी उसे पर रोक लगनी चाहिए थी। इसके विरोध में सुप्रीम कोर्ट जाना चाहिए था या फिर कानून लाकर इस पर प्रतिबंध लगाना चाहिए था। अब दोनों ही इस पर राजनीति कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि देश के नाम पर इस तरह की राजनीति बिल्कुल ठीक नहीं है। सुप्रीम कोर्ट को इसका संज्ञान लेना चाहिए और इस पर कार्रवाई करनी चाहिए। कोई भी गठबंधन देश के नाम पर अपना नाम न रखें। इससे देश की छवि प्रभावित होती है।उन्होंने कहा कि संविधान से छेड़छाड़ ठीक नहीं। यह जो भी कुछ हो रहा है वह सत्ता और विपक्ष जानबूझकर कर रहे हैं।
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बता दें कि केंद्र सरकार ने देश के नाम इंडिया की जगह भारत को प्रचलन में लाने की शुरुआत कर दी है। इसे लोकसभा चुनाव 2024 के लिए विपक्षी गठबंधन के नाम इंडिया से भी जोड़कर देखा जा रहा है। कांग्रेस का कहना है कि मोदी सरकार विपक्षी गठबंधन से इतना डर गई है कि अब देश का ही नाम बदल देना चाहती है। जबकि संविधान के पहले ही अनुच्छेद में लिखा है कि इंडिया दैट इज भारत...।
कयास लगाए जा रहे थे कि मायावती विपक्षी गठबंधन इंडिया में शामिल हो सकती हैं पर उन्होंने अभी तक इससे खुद को दूर रखा है और सभी विधानसभा चुनाव व लोकसभा चुनाव 2024 अकेले लड़ने का एलान किया है।