आरोपी शशिकांत मौर्य और सूर्यकांत मौर्य।
लखनऊ। चिटफंड कंपनी खोलकर करीब 35 हजार लोगों से 800 करोड़ रुपये की ठगी करने के मामले में एसटीएफ ने बदायूं से वांछित सगे भाई शशिकांत मौर्य और सूर्यकांत मौर्य को सोमवार शाम कृष्णानगर के मानस नगर से गिरफ्तार किया। दोनों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। दोनों बरेली के बारादरी क्षेत्र के रहने वाले हैं। उनके खिलाफ बरेली और बदायूं में धोखाधड़ी के नौ मामले दर्ज हैं।
एसटीएफ नोएडा यूनिट के एएसपी राजकुमार मिश्रा ने बताया कि डिप्टी एसपी नवेन्दु कुमार के नेतृत्व में टीम ने दोनों को पकड़ा। पूछताछ में सामने आया कि शशिकांत ने 1988 में बदायूं के जालंधरी सराय में किराने की दुकान शुरू की थी। वर्ष 2005 के बाद उसने लायंस हाउसिंग, फाइनेंस एंड लीजिंग कंपनी में फील्ड एजेंट के तौर पर काम किया। बाद में अमर ज्योति हायर परचेज नाम से कंपनी खोली और लोगों से निवेश कराकर निजी लोन देने लगा।
वर्ष 2016 में उसने अमर ज्योति यूनिवर्स निधि लिमिटेड नाम से कंपनी बनाई। कंपनी के जरिये लोगों को कम समय में रकम दोगुनी करने का झांसा देकर निवेश कराया गया। बरेली और बदायूं में कार्यालय खोलकर 35 हजार लोगों से रकम जुटाई गई लेकिन रुपये नहीं लाैटाए गए। मुकदमे दर्ज होने के बाद दोनों भाग गए। कुछ समय दिल्ली में छिपने के बाद उन्होंने मानस नगर में ठिकाना बना लिया था।