ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड की बैठक में कामन सिविल कोड और जनसंख्या नियंत्रण कानून को नामंजूर कर दिया गया। इसके अलावा मौलाना सैयद सायम मेहंदी को दोबारा ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड का अध्यक्ष सर्वसम्मति से चुनने के साथ ही सऊदी प्रिंस सलमान के भारत दौरे का विरोध करने के फैसले पर मुहर लगाई गई।
नक्खास स्थित शिया पीजी कॉलेज में संपन्न हुई ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड की कार्यकारिणी बैठक में शिया समुदाय से संबंधित तमाम मसाइल पर गंभीरता से चर्चा की गई। आल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड की बैठक के बाद पत्रकारों से रूबरू हुए ऑल इंडिया शिया पर्सनल ला बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि देश में कॉमन सिविल कोड को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा क्योंकि कॉमन सिविल कोड हमारे पर्सनल ला में दखलंदाजी है।
मौलाना यासूब अब्बास ने 14 नवम्बर को प्रस्तावित सऊदी अरब के क्रॉउन प्रिंस शेख सलमान के भारत दौरे का विरोध करते हुए कहा कि तकरीबन 100 साल से जन्नतुल बकी में पैग़ंबरे इस्लाम की बेटी समेत तमाम अहलेबैत की कब्रों पर साया नहीं है और रौजों को ध्वस्त करने वाले सऊदी अरब के बादशाह को भारत सरकार मेहमान बनाकर बुला रही है।
उन्होंने कहा कि क्रॉउन प्रिंस सलमान की भारत यात्रा का आल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड विरोध करता है और इस संबंध में शिया पर्सनल ला बोर्ड प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर यह मांग करेगा कि सरकार सऊदी हुकूमत पर दबाव डाले कि जन्नतुल बकी में जिन कब्रों को सऊदी हुकूमत द्वारा ध्वस्त किया गया है उनकी दोबारा तामीर की जाए।
मौलाना यासूब अब्बास ने प्रदेश सरकार के द्वारा किए गए मदरसों के सर्वे पर कहा कि मदरसों का देश की आजादी से लेकर तरक्की और खुशहाली में बहुत बड़ा योगदान रहा है और इस सर्वे का विरोध करते हैं। उन्होंने कहा कि ये आरोप लगता है कि मदरसों में विदेश से आने वाले लोग पढ़ते हैं और वो दहशतगर्दी में शामिल होते हैं। इसके लिए सरकार को चाहिए कि सरकार अपनी वीजा पॉलिसी में बदलाव करे और विदेश से आने वाले लोगों की सख्त जांच करने के बाद उन्हें मदरसे में दाखिला दिया जाए।
जनसंख्या नियंत्रण कानून पर बोलते हुए मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण तभी संभव होगी जब शिक्षा को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण के लिए सरकार को पहले प्रदेशवासियों को शिक्षित करना चाहिए ताकि वो लोगों मे ये समझ आए की जनसंख्या नियंत्रण जरूरी है या नहीं।
बोर्ड की मीटिंग में ये फैसला भी लिया गया कि ऑल इंडिया शिया पर्सनल ला बोर्ड का सालाना इजलास मुंबई में 18 दिसंबर को आयोजित किया जाएगा, जिसमें देश और दुनिया मे रहने वाले करोड़ों शियाओं के मसाइल पर चर्चा की जाएगी।