दिल्ली की जामा मस्जिद के शाही इमाम मौलाना सैयद अहमद बुखारी ने बृहस्पतिवार को समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिलकर मुसलमानों से किए गए वादों की याद दिलाई।
उन्होंने मुलायम से पूछा कि किसी मुस्लिम को राज्यसभा प्रत्याशी क्यों नहीं बनाया गया? उन्होंने आतंकवादी होने के आरोप में पकड़े गए बेगुनाहों की रिहाई और मुसलमानों को आरक्षण देने जैसे मुद्दे भी उठाए।
सैयद अहमद बुखारी प्रदेश सरकार पर 2012 के चुनाव में मुलसमानों से किए गए वादों से मुकरने का आरोप लगा रहे हैं। इसी मुद्दे पर उन्होंने राजधानी में प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। उन्होंने प्रदेश की हुकूमत को कुछ वक्त दिया था।
मुसलमानों से जुड़े सवालों पर 24 मई को फिर राजधानी में मीडिया से मुखातिब होने की बात भी उन्होंने कही थी। सपा मुखिया मुलायम सिंह ने उन्हें इस मसले पर बातचीत के लिए बुलाया था, ताकि वह सूबे की अखिलेश यादव सरकार को कठघरे में खड़ा न करें।
सपा सरकार अपने वादे पूरे करने में रही है नाकाम
फाइल फोटो
युवा कल्याण परिषद के अध्यक्ष व विधान परिषद सदस्य आशु मलिक के साथ मौलाना बुखारी सवेरे 11 बजे मुलायम सिंह से मिलने उनके विक्रमादित्य मार्ग स्थित आवास पर पहुंचे। बातचीत शुरू होने के बाद मुलायम ने सीएम अखिलेश को फोन करके वहीं बुला लिया।
बुखारी ने कहा कि 2012 के चुनाव में मुसलमानों ने मुलायम सिंह के वादों पर भरोसा करके सपा की सरकार बनवाई थी। चार साल से ज्यादा बीतने के बावजूद सपा सरकार अपने वादे पूरे करने में नाकाम रही है। इससे मुस्लिमों में मायूसी और नाराजगी है।
उन्होंने कहा कि राज्यसभा के सात प्रत्याशियों में सपा ने एक भी मुसलमान को शामिल नहीं किया। इस पर मुलायम ने कहा कि सपा मुसलमानों को पर्याप्त नुमाइंदगी देती है। पिछली बार दो मुसलमानों को राज्यसभा में भेजा गया था। कई बार मजबूरियां होती हैं। आगे इस पर ध्यान दिया जाएगा।
बुखारी ने राज्यसभा में एक मुसलमान को भेजने पर जोर दिया। इमाम ने कहा कि सपा ने अपने घोषणापत्र में मुसलमानों को आरक्षण देने का वादा किया था, लेकिन इस दिशा में एक भी कदम नहीं बढ़ाया गया।
अखिलेश ने कहा सभी वादे किए पूरे
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि सपा ने सभी वादे पूरे किए हैं। सभी योजनाओं में मुसलमानों को 20 फीसदी हिस्सेदारी दी जा रही है। जनेश्वर मिश्र और लोहिया गांवों के चयन से लेकर पेंशन योजनाओं तक में इसे लागू किया गया है।
कई राज्यों ने मुसलमानों के लिए अलग से रिजर्वेशन लागू किया, तो शीर्ष अदालतों ने खारिज कर दिया। सपा मुखिया ने कहा कि आरक्षण के मुद्दे पर कानूनी राय लेकर सभी संभावनाओं पर विचार किया जाएगा।
बुखारी ने आतंकी मामलों में पकड़ गए बेगुनाह मुसलमानों की रिहाई न होने का मुद्दा भी उठाया। कहा कि मदरसों को अनुदान और अल्पसंख्यक संस्थानों को सुविधाएं देने समेत कई वादे अधूरे हैं।
राज्यसभा प्रत्याशी बदलने की अटकलें
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मुलायम सिंह और सैयद अहमद बुखारी की मुलाकात के बाद राज्यसभा या विधान परिषद के उम्मीदवारों में फेरबदल की अटकलें लगाई जाने लगी हैं।
माना जा रहा है कि बुखारी खुद भी राज्यसभा में जाने की ख्वाहिश रखते हैं। उन्होंने इशारों ही इशारों में मुलायम सिंह से इसका इजहार कर दिया है। हो सकता है कि सपा राज्यसभा का एक प्रत्याशी बदलकर किसी मुसलिम को नुमाइंदगी दे।
एक संभावना यह जताई जा रही है कि नामित होने वाले विधान परिषद सदस्यों के लिए मुस्लिम का नाम भेजा जा सकता है। गौरतलब है कि जल्द ही विधान परिषद के तीन सदस्य मनोनीत होने हैं। इनमें से राजपाल कश्यप का नाम राजभवन में अटका हुआ है। इसके अलावा दो नाम सरकार को भेजने हैं।