सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या विवाद पर चल रही सुनवाई के बीच मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के कार्यकारिणी सदस्य एंव दारुल उलूम नदवतुल उलमा के डीन मौलाना सैयद सलमान हुसैनी नदवी ने विवाद के हल का एक नया फार्मूला पेश किया है।
मौलाना ने अयोध्या में श्री रामजन्म भूमि पर भव्य मंदिर बनाने और इसके बदले मुस्लिम इलाके में बड़ी मस्जिद बनाने की बात कही। मौलाना ने कहा कि देश मे आपसी सौहार्द और भाईचारे को बचाए रखने के लिए मस्जिद की जगह बदली जा सकती है।
मुसलमानों के हम्बली मसलक में इस बात की गुंजाइश दी गई है। मौलाना ने बातचीत के सिलसिले को आगे बढ़ाने के लिए 20 फरवरी या फिर 12 मार्च को अयोध्या मे साधु संतों से मुलाकात करने की बात कही है।
सुप्रीम कोर्ट के बाहर अयोध्या विवाद का आपसी बातचीत से सुलह समझौते के जरिए हल करने के लिए मौलाना सलमान हुसैनी नदवी ने गुरुवार को बेंगलुरू में आध्यात्मिक गुरू श्रीश्री रविशंकर से मुलाकात की थी।
मुलाकात के दौरान मौलाना सैयद सलमान हुसैनी नदवी ने कहा कि राम मंदिर के लिए मस्जिद को कहीं और शिफ्ट किया जा सकता है। अगर आपसी बातचीत से रास्ता निकले तो मुसलमान जमीन छोड़ने के लिए तैयार हो सकते हैं।
इसके लिए सभी पक्षों का राजी होना जरूरी है। मौलाना ने कहा कि शरियत में जगह बदलने की गुंजाइश है लेकिन इस बात का करार हो कि आगे से कहीं किसी भी मस्जिद, मदरसे के साथ छेड़छाड़ नही की जाएगी।
इस करार पर सुप्रीम से कानूनी मान्यता भी हासिल होनी चाहिए। मौलाना सलमान नदवी ने कहा कि बाबरी विध्वंस का जो मंजर बीत गया वो एक अतीत था। सौहार्द के लिए मुसलमानों की जगह पर मस्जिद और यूनिवर्सिटी बनाई जाए इसके लिए जरुरत पड़ने पर उपलब्ध 65 से 70 बीघा जमीन से ज्यादा जमीन मुहैया कराई जाए।