एडीसीपी उत्तरी राजेश श्रीवास्तव के मुताबिक, अनीस के जानकारी देने पर नईम भी तलाश में जुट गया। कुछ देर बाद शोएब के मोबाइल से कॉल आई। फोन करने वाले ने कहा कि उसने दोनों को अगवा कर लिया है। इन्हें छुड़ाने को 10 लाख रुपये देने पड़ेंगे। बेटी व भाई के अपहरण की बात सुनकर अनीस बानो बदहवाश हो गई। कंट्रोल रूम को सूचना के बाद पुलिस पड़ताल में जुट गई। पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडेय ने क्राइम ब्रांच के एसीपी आलोक कुमार सिंह की टीम को भी लगाया।
एसीपी गाजीपुर दीपक कुमार सिंह के मुताबिक, पूरी जानकारी हासिल करने के बाद इंस्पेक्टर गुडंबा रीतेंद्र प्रताप सिंह, एडीसीपी के विशेष क्राइम दस्ते के इंस्पेक्टर धनंजय पांडेय व एसआई योगेंद्र सिंह को लगाया गया। पुलिस ने सर्विलांस सेल से शोएब के मोबाइल की लोकेशन निकाली, जो लोहिया पार्क की मिली। इस पर धनंजय पांडेय, योगेंद्र सिंह व एसीपी गाजीपुर रवाना हुए। उनके साथ अनीस बानो भी थी।