बढ़ती आबादी को ध्यान में रखकर अब शहरों का मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। पहले जहां 2021 की आबादी को ध्यान में रखकर यह तैयार किया गया था, अब 2031 की आबादी को ध्यान में रखकर मास्टर प्लान बनेगा।
पहले चरण में 33 शहरों का मास्टर प्लान तैयार करने का निर्देश विकास प्राधिकरण उपाध्यक्षों व डीएम को दिया गया है। इसमें 10 शहरों के लिए नया तथा 23 शहरों का संशोधित मास्टर प्लान तैयार होगा। प्रमुख सचिव आवास सदाकांत ने इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया है।
राज्य सरकार शहरों का सुनियोजित विकास कराने के लिए मास्टर प्लान तैयार कराती है। इसमें शहर की आबादी, क्षेत्रफल के साथ किस क्षेत्र की जमीन किस उपयोग में आएगी इसे चिह्नित किया जाता है।
बाजार स्ट्रीट, आवासीय क्षेत्र, व्यावसायिक क्षेत्र, औद्योगिक क्षेत्र, ट्रांसपोर्ट नगर के साथ ग्रीन क्षेत्र चिह्नित करते हुए इसे जारी किया जाता है। घनी आबादियों के बीच से औद्योगिक क्षेत्र व ट्रांसपोर्ट नगर को बाहर करने और शहर के बाहरी क्षेत्रों में बड़ी योजनाओं का प्रावधान होता है।
इन बातों का भी किया जाता है प्रावधान
शहर में कुल कितना खुला क्षेत्र होगा, कितना ग्रीन और कितने क्षेत्रों पर पक्का निर्माण होगा, इसका भी प्रावधान होता है। बढ़ते यातायात के दबाव को ध्यान रखते हुए ओवरब्रिज व रिंग रोड का प्रावधान किया जाता है।
इसके बाद प्रस्तावित मास्टर प्लान पर आपत्तियां मांगी जाती हैं। आपत्तियां निस्तारित करते हुए मास्टर प्लान को विकास प्राधिकरण बोर्ड की बैठक में पास कर शासन को भेजा जाता है। मास्टर प्लान बनने के बाद विकास प्राधिकरण इसके आधार पर ही शहरों का विकास कराते हैं और निर्माण की अनुमति दी जाती है।
इन शहरों का बनेगा मास्टर प्लान
उन्नाव शुक्लागंज, बागपत, रामनगर मुगलसराय, गजरौला, अलीगढ़, आजमगढ़, शामली, फैजाबाद, मथुरा-वृंदावन, लखनऊ, हरदोई, कन्नौज, फर्रुखाबाद-फतेहगढ़, इटावा, मवाना-हस्तिनापुर, गाजीपुर, नजीबाबाद, बस्ती, देवरिया, मगहर-खलीलाबाद, बहराइच, महोबा, कोंच, फतेहपुर, प्रतापगढ़, पीलीभीत, बदायूं, एटा, हाथरस, मैनपुरी, बलिया, भरथना व ललितपुर।