आनंद कुमार ने बताया कि प्रदेश की 71 में से 67 जेलों में मास्क बनाने का काम किया जा रहा है। औसतन 25 हजार मास्क हर दिन तैयार किए जा रहे हैं। अब तक प्रदेश की जेलों में ढाई लाख से अधिक मास्क तैयार किए जा चुके हैं। इसमें से 70 हजार मास्क की सप्लाई की जा चुकी है।
डीजी जेल ने बताया कि जेलों में बंदियों द्वारा मास्क के अलावा सैनिटाइजर बनाने का भी काम किया जा रहा है। फिलहाल जेलों में सेनिटाइजेशन के लिए इसका इस्तेमाल किया जा रहा है। जेलों की जरूरतों को पूरा करने के बाद अन्य विभागों को मांग के अनुसार सप्लाई किया जाएगा।