धन्नीपुर में बनने वाली मस्जिद का डिजाइन।
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मस्जिद निर्माण के लिए सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को धन्नीपुर गांव में प्रशासन की ओर से दी गई पांच एकड़ भूमि पर अधिकार को लेकर हाईकोर्ट में हुई एक याचिका को प्रशासन व गांव के लोग दुष्प्रचार मान रहे हैं। उनका कहना है कि जिस गाटा संख्या को लेकर विवाद खड़ा किया जा रहा है, वह पड़ोसी गांव शेखपुरजाफर का है। इसको लेकर जिलाधिकारी और चकबंदी अधिकारियों के आदेश पहले भी जारी हो चुके हैं।
श्रीरामजन्मभूमि/बाबरी मस्जिद विवाद के फैसले में नौ नवंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को मस्जिद निर्माण के लिए पांच एकड़ भूमि देने के निर्देश दिए थे। जिलाधिकारी ने 22 जुलाई 2020 को आदेश दिया कि ग्राम धन्नीपुर तहसील सोहावल के गाटा संख्या 100 रकबा 0.058 हेक्टेयर, गाटा संख्या 104 रकबा 0.794 हेक्टेयर, गाटा संख्या 105 रकबा 0.107 हेक्टेयर, गाटा संख्या 110 रकबा 0.027 हेक्टेयर और गाटा संख्या 111 रकबा 1.037 हेक्टेयर कुल पांच एकड़ भूमि उत्तर-प्रदेश सुन्नी वक्फ बोर्ड को आवंटित कर दें। यह भूमि राजस्व रिकॉर्ड में कृषि विभाग फैजाबाद के नाम दर्ज थी, जिस पर फार्मिंग होती है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में दिल्ली की दो महिलाओं रानी कपूर पंजाबी व रमा रानी पंजाबी ने याचिका दायर कर मस्जिद के लिए दी गई पांच एकड़ भूमि पर को अपनी बताया है। यह मामला पहले भी जिलाधिकारी के समक्ष उठ चुका था, जिसका बाकायदा निस्तारण कर दावा करने वाले पक्ष को जवाब भी दिया गया था।
उधर, न्यायालय में याचिका दाखिल करने की बात सामने आई तो इलाके में गुरुवार को हलचल बढ़ गई। मीडिया से जुड़े कई लोग भी यहां पहुंचे। सोहावल तहसील के तहसीलदार प्रमेश कुमार ने बताया कि याचिका की बाबत अभी कोई सूचना नहीं मिली है, लेकिन सुन्नी वक्फ बोर्ड को दी गई भूमि पिछले दो चकबंदी से धन्नीपुर राजस्व गांव की है। इसमें कहीं से कोई विवाद अब तक नहीं पाया गया है। जिस बात को लेकर दावा करने की बात सामने आ रही है, वह आरक्षित भूमि के बगल दक्षिण तरफ दूसरे राजस्व गांव शेखपुर जाफ़र में है। याचिका की बाबत सूचना मिलेगी तो समुचित दस्तावेजों के साथ हकीकत से न्यायालय को अवगत कराया जाएगा।
रौनाही प्रधान के प्रतिनिधि मेराज खान ने कहा कि धन्नीपुर गांव पहले रौनाही का ही मजरा था, परिवार के लोग लंबे समय तक प्रधान थे। याचिका देने वाली महिलाओं का कभी पंचायत में जिक्र तक नहीं आया। यह केवल मीडिया में आने व दुष्प्रचार के लिए है। मैं नही समझता शासन से आवंटित भूमि में कोई विवाद है। विवाद शेखपुर जाफ़र की भूमि में बताया जाता रहा है जो धन्नीपुर से सटा गाटा व रकबा है।