लखनऊ। अलीगंज के सेक्टर-बी निवासी प्रीति (25) ने शनिवार सुबह घर में फंदा लगाकर जान दे दी। पुलिस का कहना है कि पति सुमित से झगड़े के बाद प्रीति ने आत्महत्या की है। इसके अलावा बीबीडी के दयाराम का पुरवा निवासी शौर्य प्रताप सिंह (22) और तालकटोरा के लाइनखेड़ा निवासी सागर (30) ने फंदा लगाकर जान दे दी। दोनों की आत्महत्या के कारण का पता नहीं चल सका है।
इंस्पेक्टर अलीगंज अशोक सोनकर ने बताया कि शुक्रवार रात प्रीति व सुमित के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था। दोनों रात में सो गए। शनिवार सुबह करीब छह बजे के आसपास प्रीति ने मकान के टिनशेड के एंगल से दुपट्टे के सहारे फंदा लगाकर जान दे दी। पति की सूचना पर पहुंची अलीगंज पुलिस ने प्रीति के मायके वालों को खबर दी। छानबीन में पता चला कि प्रीति ने फरवरी 2018 में सुमित से प्रेम-विवाह किया था। दोनों के पांच वर्ष का एक बेटा है। सुमित बाइंडिंग का काम करते हैं। इंस्पेक्टर ने बताया कि मायके वालों ने कोई आरोप नहीं लगाया है।
इसके अलावा मूल रूप से गोंडा स्थित उमरी बेगम के रहने वाले शौर्य प्रताप सिंह दोस्त वैभव के साथ बीबीडी स्थित दयाराम का पुरवा में किराये के मकान में रहकर मिट्टी सप्लाई का काम करते थे। चचेरे भाई मोहित ने बताया कि शुक्रवार देर रात 11 बजे वैभव ने उन्हें फोन कर शौर्य के आत्महत्या किए जाने की सूचना दी। इंस्पेक्टर बीबीडी राम सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण हैंगिंग आया है। शौर्य ने आत्महत्या क्यों की इसका पता नहीं चल सका है। परिजनों ने भी कोई आरोप नहीं लगाया है।
सागर के ममेरे भाई के मुताबिक वह मूल रूप से उन्नाव के बांगरमऊ नगरा के रहने वाले थे। वह पत्नी आशा, बेटे आशीष, आशू व सुमान्यू के साथ किराये के घर में रहकर मजदूरी करते थे। भाई शिवकुमार ने बताया कि सागर की पत्नी गोदभराई के कार्यक्रम में शामिल होने बांगरमऊ गई थीं। तीनों बच्चों के सो जाने पर सागर ने आत्महत्या कर ली। इंस्पेक्टर कुलदीप दुबे ने बताया कि सागर नशे के आदी थे। उनके पास कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।