खाद का डीलर बनाने और छूट दिलाने के नाम पर 80 लाख की रिश्वतखोरी की गई। जांच में पोल खुली तो अफसरों के होश उड़ गए। मामले में विपणन अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है। उसके खिलाफ केस दर्ज करने के लिए तहरीर भी दी गई है।
उत्तर प्रदेश में खाद का डीलर बनाने और छूट दिलाने के नाम पर लाखों रुपये हड़पने का खेल चल रहा है। ऐसा ही एक मामला हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (एचयूआरएल) का सामने आया है। पोल खुलने के बाद कंपनी के मुख्य प्रबंधक (विपणन) ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करने के लिए लखनऊ में पुलिस उपायुक्त पूर्वी को तहरीर दी है। साथ ही दुकानदारों से अपील की है कि यूरिया आवंटन के नाम पर किसी को रुपये न दें।
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एचयूआरएल के उत्तर प्रदेश और राजस्थान के मुख्य प्रबंधक (विपणन) अरुणी कुमार ने बताया कि दुकानदारों को शासन की ओर से निर्धारित कोटे के तहत निर्धारित दर पर यूरिया व अन्य खाद उपलब्ध कराई जाती है। इस बीच शिकायत मिली कि रायबरेली सहित आसपास के जिलों में कंपनी के विपणन अधिकारी द्वारा दुकानदारों को अतिरिक्त फायदा पहुंचने का प्रलोभन देकर वसूली की गई है।
जांच कराई गई तो पता चला कि विपणन अधिकारी ने नए डीलर नियुक्ति करने, रिटेलर एसएपी कोड खोलने, यूरिया की बोरी पर कमीशन लेने और कंपनी द्वारा जारी क्रेडिट नोट को नगद वसूलने जैसे अनियमित कार्य किए। करीब 80 लाख रुपये की रिश्वतखोरी का मामला सामने आया। मामले में विपणन अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है। उसे बर्खास्त करने की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। साथ ही आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर दी गई है।
किसी ने बहकावे में न आएं दुकानदार
मुख्य प्रबंधक विपणन अरुणी कुमार ने दुकानदारों से अपील की है कि प्रधानमंत्री प्रणाम योजना के तहत निर्धारित बायो प्रोडक्ट की बिक्री करते रहे। नियमानुसार इस प्रोडक्ट के आधार पर दुकानदारों को लाभ दिया जाएगा। किसी के बहकावे में आकर अतिरिक्त रुपये किसी भी अधिकारी व कर्मचारी को न दें।