वैदिक ज्योतिष में देवगुरु के गोचर को बेहद अहम माना जाता है। बृहस्पति 24 नवंबर से मार्गी हो रहे हैं। यह न सिर्फ एक प्रमुख ग्रह है, बल्कि इसका गोचर जातकों के जीवन में कई बड़े बदलाव लेकर आता है। यह आध्यात्मिकता का सूचक ग्रह है, जो कि शुभता और समृद्धि को दर्शाता है। मान्यता यही है कि गुरु की कृपा के बिना हमें आसानी से सकारात्मक परिणामों की प्राप्ति नहीं हो सकती है। आइए जानते हैं इसके प्रभावों को लेकर ज्योतिषाचार्यों का क्या कहना है।
हंस पंच महायोग विशेष कल्याणकारी
वैदिक ज्योतिष शोध परिषद के अध्यक्ष महामहोपाध्याय डॉ. आदित्य पांडेय के मुताबिक, गुरु स्वराशि मीन में मार्गी होंगे। इससे आर्थिक लाभ के अवसर खुलेंगे। विवाह करने योग्य जातक व नए व्यवसाय की योजना बना रहे हैं तो उन्हें इसका लाभ मिलेगा। निवेश के लिए भी उत्तम समय है। बृहस्पति की यह मार्गी अवस्था वृषभ, वृश्चिक और कन्या राशि के जातकों के लिए विशेष रूप से अनुकूल परिणाम देने वाली है। स्वराशि में मार्गी गुरु हंस पंच महापुरुष योग का निर्माण करेंगे, जो धन और कॅरिअर के मामले में समृद्धि प्रदान करता है। बृहस्पति पर शनि की दृष्टि पड़ रही है, इसके परिणाम स्वरूप मीन राशि के जातक अपने कॅरिअर पर ज्यादा ध्यान देते नजर आएंगे। शनि की दृष्टि के कारण प्रगति की रफ्तार कुछ धीमी होगी। कुल मिलाकर इस दौरान कोई भी उठाया गया महत्वपूर्ण कदम समृद्धि देने वाला होगा।
नौकरी की खोज होगी पूरी
ज्योतिषाचार्य निधि मिश्रा कहती हैं कि गुरु का स्वयं की राशि में मार्गी होना जातकों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने, सभी की मनोकामनाओं को पूर्ण करने में सहायक होगा। गुरु का मार्गी होना किसी वरदान से कम नहीं होगा। इसके अलावा जो लोग नौकरी के लिए प्रयास कर रहे हैं, उन्हें सफलता मिलेगी।
कर्क राशि वाले संभल कर रहें
ज्योतिषाचार्य डॉ. एस्ट्रो सिमरन वार्षेण्य कहती हैं कि कर्क राशि में शनि और गुरु की दृष्टि रहने से सतर्कता की आवश्यकता है। साथ ही इस राशि से संबंधित राज्य में भी उथल-पुथल होगी। बाढ़-भूकंप की बारंबारता बनी रहेगी। नेताओं के लिए अच्छा वक्त नहीं है। अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा वक्त है। किसी प्रसिद्ध धार्मिक हिंदू स्थल पर कोर्ट का फैसला आ सकता है।
अभी मंगल है वक्री, शराब का सेवन करने वाले रहें सचेत
ज्योतिषाचार्य केए दुबे पद्मेश कहते हैं कि शुक्र भी उदय हो रहा और गुरु का वक्री दोष भी 24 को समाप्त हो रहा है। दाम्पत्य जीवन की परेशानियां दूर होंगी। पर मंगल वक्री है, इसलिए शराब का सेवन करने वाले लिवर को लेकर सचेत रहें। इस दौरान षडाष्टक योग भी 16 दिसंबर तक बना रहेगा। ये समय राजनैतिक उठापटक का है।