उम्र का एक पड़ाव ऐसा होता है कि युवतियों में हड्डियों का विकास रुक जाता
है। बच्चे होने के बाद तो वह अपनी सेहत पर और भी ध्यान नहीं दे पाती।
नतीजतन कमजोर हड्डियां और स्वभाव में अनावश्यक चिड़चिड़ापन। महिलाओं की इस
समस्या को समझने की जरूरत न सिर्फ आम लोगों को है, बल्कि चिकित्सकों को भी
इसके प्रति जागरूक होना पड़ेगा।
जागरूकता के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य के
लिए इंडियन मेडिकल एसासिएशन(आईएमए) और इंडियन मीनोपॉजल सोसाइटी संयुक्त रूप
से शुक्रवार(18 अक्तूबर) को विश्व मीनोपॉजल दिवस पर पैदल मार्च का आयोजन
कर रहे हैं।
पैदल मार्च शहीद स्मारक से आईएमए भवन तक निकाला जाएगा।