महाराष्ट्र महोत्सव में मौजूद सीएम योगी, डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा और राज्यपाल
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक राष्ट्र होने के बाद भी हम दूसरे राज्यों की भाषा व संस्कृति से अनभिज्ञ हैं। इसलिए राज्य सरकार ने फैसला किया है कि अगले साल से यूपी के प्राथमिक विद्यालयों में मराठी भाषा पढ़ाई जाएगी।
इसके लिए कार्यक्रम तैयार किया जा रहा है। एक दूसरे राज्यों के बीच सांस्कृतिक गतिविधियों का भी आदान-प्रदान होना चाहिए। इसके लिए यूपी सरकार महाराष्ट्र के साथ करार करेगी। जल्द ही इस पर अमल होगा।
मुख्यमंत्री सोमवार को राजभवन में आयोजित महाराष्ट्र महोत्सव का उद्घाटन करने केबाद बोल रहे थे। उन्होंने कहा, उनका प्रयास तो था इस कार्यक्रम के मौके पर ही दोनों राज्यों के बीच करार हो जाए लेकिन महाराष्ट्र के सीएम नहीं पहुंच पाए।
इसलिए जल्द ही उन्हें बुलाकर दोनों राज्यों के बीच सांस्कृतिक गतिविधियों के आदान-प्रदान के लिए एक करार पर हस्ताक्षर किया जाएगा। देश की आजादी और सांस्कृतिक क्षेत्र में महाराष्ट्र का अतुलनीय योगदान रहा है।
लिया यूपी दिवस मनाने का फैसला
महाराष्ट्र महोत्सव में मौजूद राज्यपाल राम नाईक
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वहां से पूरे देश को प्रेरणा मिलती है। हम चाहते हैं कि यहां के लोग भी महाराष्ट्र की भाषा को जानें। इसलिए हमने तय किया है कि अगले साल से यूपी के विद्यालयों में भी मराठी भाषा का एक क्लास चलेगा।
योगी ने कहा कि क्रूर, दमनकारी व मजहबी विचारधारा के शासकों के जमाने में भी छत्रपति शिवाजी ने स्वराज्य की स्थापना कर पूरे देश का गौरव बढ़ाया था। इसलिए देश में महाराष्ट्र की अलग पहचान है। महाराष्ट्र से ही देश को राष्ट्रीयता की संजीवनी मिलती है।
राज्य गठन के बाद से आज तक यूपी का स्थापना दिवस नहीं मनाने पर अफसोस जताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, किसी भी राज्य के विकास के लिए जरूरी है कि उसका स्थापना दिवस मनाया जाए।यूपी सरकार ने 24 जनवरी को राज्य का स्थापना दिवस मनाने का फैसला किया है।
सीएम ने इस फैसले का श्रेय राज्यपाल राम नाईक को दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे राज्यपाल राम नाईक ने कहा, हमने पूर्व सीएम अखिलेश से राज्य का स्थापना दिवस मनाने को कहा था लेकिन उन्होंने मेरा सुझाव नहीं माना। पर, मुझे गर्व है कि मौजूदा सरकार ने राज्य का स्थापना दिवस मनाने का फैसला किया है।
सीएम ने टोपी पर ली चुटकी
राज्यपाल राम नाईक
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योगी ने कहा, महाराष्ट्र और यूपी का सांस्कृतिक रूप से गहरा संबंध है। इसे और मजबूत करने केलिए दोनों प्रदेशों को आगे आना चाहिए। इस मौके पर उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा भी मौजूद थे।
महाराष्ट्र महोत्सव का उद्घाटन करने के बाद योगी ने जब माइक संभाला तो अपना भाषण मराठी में शुरू किया। कार्यक्रम में आए मराठी समुदाय के लोगों का स्वागत मराठी में करते हुए सीएम ने लखनऊ आने के लिए उन्हें धन्यवाद भी मराठी में ही दिया। इस पर खूब ताली बजी।
कार्यक्रम में आए सभी मराठी सफेद टोपी पहने थे। इस पर सीएम ने कहा, यहां आते समय दूर से लग रहा था कि कहीं दिल्ली नगर निगम का चुनाव हारने के बाद ‘आप’ वाले तो यहां नहीं आ गए हैं। उनकी इस बात पर राज्यपाल समेत सभी लोग हंस पड़े।