इन इलाकों से चल रहे हैं फर्जी नंबर के ऑटो
टैंपो को आवंटित नंबर पर चल रहा ऑटो
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‘अमर उजाला’ की पड़ताल में पता चला कि ऐसे फर्जी नंबर के ऑटो, टेंपो, बस, छोटा हाथी, कार, लोड आदि चारबाग, अवध हॉस्पिटल नहरिया, ट्रांसपोर्टनगर, मोहान रोड, दुबग्गा, आईआईएम रोड, भिटौली, इंजीनियरिंग कॉलेज, चौक, निशातगंज, पॉलीटेक्निक, मटियारी, चिनहट, हैनीमैन आदि चौराहों से चल रहे हैं। ऐसे वाहन ठेकेदार की सूची में दर्ज होते हैं, जिनसे वह हफ्ता लेकर सबको हिस्सा पहुंचाता है।
कैब ओनर्स/चालक वेलफेयर समिति उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष आरके पांडेय का अनुमान कि राजधानी में 3000 से अधिक फर्जी नंबर से वाहन चल रहे हैं। इनमें ऑटो, टेंपो, छोटा हाथी, बस, कार, लोडर आदि हैं। पिछले साल फर्जी नंबर यूपी 32 एफएन 0976 की कार पकड़कर कृष्णानगर पुलिस को सौंपी थी। इसके चालक को जेल तक भेजा गया था।
बढ़ रहीं लूटपाट, छेड़छाड़ जैसी घटनाएं
लखनऊ ऑटो रिक्शा थ्री व्हीलर्स संघ के अध्यक्ष पंकज दीक्षित का कहना कि फर्जी नंबरों से चल रहे ऑटो एवं टेंपो से लूटपाट, छेड़छाड़ जैसे अपराध बढ़ रहे हैं। ऐसे ऑटो व टेंपो में सामान छूटने पर भी वापस नहीं मिलता है। वहीं, ऐसे टेंपो-ऑटो में कोई वारदात होने पर पुलिस सभी चालकों का उत्पीड़न करती है।
थानाध्यक्षों पर कार्रवाई करें एसएसपी
प्रतीकात्मक तस्वीर
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लखनऊ ऑटो ओनर्स/ चालक वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष किशोर वर्मा ‘पहलवान’ ने आरोप लगाया कि फर्जी नंबर से जिन स्टैंड से वाहन चल रहे हैं, उन्हें पुलिस का पूरा संरक्षण है। इस कारण पुलिस बूथ के पास से फर्जी नंबर के ऑटो, बस व टेंपो सवारी ढो रहे हैं। एसएसपी को इसके लिए जिम्मेदार थानाध्यक्षाें पर कार्रवाई करनी चाहिए।
फर्जी नंबर से चल रहे ऑटो, टेंपो, लोडर आदि की पुलिस से शिकायत करने की जानकारी है। इस पर जांच भी कराई गई, लेकिन ऑटो व टेम्पो पकड़ में नहीं आए। दोबारा जांच में वाहन पर फर्जी नंबर पाए जाने पर पुलिस में मुकदमा दर्ज कराएंगे। - विदिशा सिंह, संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) लखनऊ संभाग