सूत्रों के अनुसार, पूर्वांचल के एक राजघराने से संबंधित पूर्व सांसद और पूर्व मंत्री भी जल्द ही भगवा चोला ओढ़े नजर आ सकते हैं। इसी तरह सुल्तानपुर के तीन प्रमुख बसपा नेताओं का मन भी अब हाथी पर बैठे-बैठे ऊबने लगा है। लिहाजा इनकी इच्छा हाथी से उतरकर कमल थामने की है। इनमें दो पूर्व मंत्री और एक पूर्व विधायक हैं।
इन लोगों ने लोकसभा चुनाव के दौरान ही कमल खिलाने में मदद करके भाजपा में शामिल होने की पृष्ठभूमि तैयार कर ली थी। इन सभी की भाजपा नेतृत्व से बात भी हो चुकी है। पर, भाजपा इन्हें इस तरह शामिल कराना चाहती है कि विपक्ष में भगदड़ का संदेश जाए।
भाजपा में शामिल होने के इच्छुक पूर्व विधायक की इच्छा अपने पुत्र को अंबेडकरनगर की जलालपुर सीट पर होने वाले उपचुनाव के साथ राजनीति में प्रवेश दिलाने की भी है।
सुल्तानपुर के एक पड़ोसी जिले के मौजूदा विधायक की इच्छा भी अब भाजपा के साथ आगे चलने की है। जिस पार्टी से ये विधायक हैं, उसके तीन अन्य विधायक भी भाजपा में जाने की तैयारी कर चुके हैं।
भाजपा नेतृत्व को इंतजार सिर्फ इस बात का है कि कुछ अन्य विधायक भी इनके साथ आ जाएं तो विधानसभा में मौजूदा दल का विभाजन कर इनकी सदस्यता सुरक्षित रखते हुए भाजपाई बनाया जा सके।
सपा सरकार में चर्चित मंत्री रहे एक नेता के परिवार के भी जल्द ही भाजपाई होने की खबर है। इस परिवार ने लोकसभा चुनाव में भाजपा के पक्ष में काम कर इसकी तैयारी कर ली थी।