पुरानी पेंशन योजना का लाभ लेने से छूट गए कर्मचारियों को कैबिनेट ने एक और अवसर दिया गया है। नेशनल पेंशन स्कीम से आच्छादित राज्य सरकार के ऐसे सरकारी कर्मचारी, जिनका चयन प्रदेश में राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली लागू करने से संबंधित अधिसूचना की तारीख 28 मार्च 2005 से पहले हो चुका था, उन्हें इसका लाभ मिलेगा। राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के स्थान पर पुरानी पेंशन योजना में शामिल होने के संबंध में निर्धारित कट ऑफ तारीख को 30 नवंबर तक बढ़ा दिया गया है। इस राहत से करीब 2000 कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना में शामिल होने का मौका मिलेगा।
राष्ट्रीय पेंशन योजना वर्ष 2004 में बनी थी। भारत सरकार की इस नीति को हूबहू लागू कर दिया गया था। इसके तहत 31 मार्च 2004 से पहले की तारीख तय की गई थी। राज्य सरकार ने इसमें एक साल की छूट दे रखी थी। चूंकि इसका नोटिफिकेशन 28 मार्च 2005 को आया था इसलिए इसे एक अप्रैल 2005 से लागू किया गया। इसमें कुछ कर्मचारी छूट गए थे। उन्हें सरकार ने एक मौका दिया है। कैबिनेट मंजूरी के बाद 28 मार्च 2005 से पहले वाले सभी कर्मचारी पुरानी पेंशन योजना में शामिल होने के लिए आच्छादित हो जाएंगे।
राजधानी के हजरतगंज 3404 वर्ग मीटर नजूल भूमि का स्वामित्व अब अग्निशमन स्टेशन को दे दिया गया है। इस भूमि का नामांतरण औव हस्तानांतरण गृह विभाग को करने को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है।
इसके अलावा सरकार ने अयोध्या में सरयू नदी जलापूर्ति स्रोत से वाटर ट्रीटमेंट फेज-1 योजना के तहत चिह्नित भूमि को भी नगर विकास विभाग को निशुल्क दिए जाने का फैसला किया है। वहीं कैबिनेट ने हमीरपुर में केंद्र सरकार द्वारा संचालित 'आपकी सखी आशा ज्योति केंद्र/ वन स्टाप सेंटर' का भवन बनाने के लिए महिला कल्याण विभागह को निशुल्क भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है।