दिल्ली में सोमवार से शुरू हो रहे इन्वेस्ट नार्थ में सपा सरकार की ओर से लाई गई छह नई नीतियों के अलावा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की प्राथमिकता वाले करीब एक दर्जन प्रोजेक्ट पर पूरा फोकस होगा।
सूबे के अधिकारी निवेशकों को प्रस्तावित प्रोजेक्ट में निवेश के लिए आमंत्रित करेंगे। ग्रेटर नोएडा में सिंगापुर की तरह प्रस्तावित नाइट सफारी और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे जैसे प्रोजेक्ट इसमें शामिल हैं।
इन्वेस्ट नार्थ के पहले दिन उद्घाटन सत्र के तुरंत बाद यूपी को प्रजेंटेशन का मौका मिलेगा। प्रदेश के अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त आलोक रंजन निवेशकों के सामने सूबे की नई नीतियां और प्रस्तावित प्रोजेक्ट की जानकारी देंगे।
वह यूपी को निवेश के एक प्रमुख गंतव्य स्थल के रूप में पेश करेंगे। साथ ही बताएंगे कि किस तरह पिछले डेढ़ साल में प्रदेश का माहौल उद्यमियों के लिए बदला है और उनका निवेश करना उनके लिए काफी मुफीद है।
इन्वेस्ट नार्थ में शामिल हो रहे राज्यों की ओर से पीपीपी आधारित करीब 100 से ज्यादा प्रोजेक्ट पेश किए जा रहे हैं। इनमें प्रदेश के करीब एक दर्जन प्रोजेक्ट शामिल हैं।
प्रदेश सरकार सूबे के जिन प्रोजेक्ट में निवेश जुटाना चाहती है उसमें उपसा की ओर से 11 राज्यमार्गों का विकास भी शामिल है। आईटी सिटी व करीब आधा दर्जन औद्योगिक क्षेत्रों में निवेश के लिए उद्यमियों को आमंत्रित किया जाएगा।
सूबे के अफसर उद्यमियों को बताएंगे कि उन्हें नई नीतियों में किस-किस तरह की सहूलियतें दी गई हैं और उनकी सुविधा के लिए सरकार ने क्या-क्या कदम उठाए हैं।
प्रदेश से अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास, उद्योग, आईटी, राज्यमार्ग के अलावा विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हो रहे हैं।