फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी: दुर्गाशंकर के मुख्य सचिव बनने से कई अफसरों के सपनों पर फिरा पानी

Tue, 04 Jan 2022 02:56 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

यूपी में कई अधिकारी राजेंद्र तिवारी को पहले दिन से कमजोर साबित कर अपनी संभावना बुन रहे थे। नए मुख्य सचिव का कार्यकाल 31 दिसंबर तक है।
विज्ञापन
मुख्य सचिव आईएएस दुर्गा शंकर मिश्रा - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

वरिष्ठ आईएएस अधिकारी दुर्गाशंकर मिश्रा को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से बुलाकर रिटायरमेंट से दो दिन पहले प्रदेश का मुख्य सचिव बनाए जाने से कई आईएएस अफसरों के सपनों पर पानी फिर गया है। इस पद की रेस में माने जाने वाले 1984 से 1987 बैच तक के कई अधिकारी दुर्गाशंकर की कार्यावधि में ही रिटायर हो जाएंगे।

विज्ञापन


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डॉ. अनूप चंद्र पांडेय के मुख्य सचिव पद का कार्यकाल पूरा करने के बाद 31 अगस्त 2019 को 1985 बैच के आईएएस अधिकारी राजेंद्र कुमार तिवारी की मुख्य सचिव के पद पर नियुक्ति की थी। उसी समय इस पद के लिए कई दूसरे नाम भी चर्चा में आ गए थे। यह प्रचारित होने लगा था कि तिवारी अपने सेवानिवृत्ति तक छोड़िए इस सरकार के पूरे कार्यकाल तक इस पद पर नहीं रह पाएंगे और कुछ ही महीने बाद सुर्खियों में रहने वाले एक अधिकारी की ताजपोशी हो जाएगी। आंशिक तौर पर यह बात सही भी हुई है।

तिवारी को लंबे समय तक कामचलाऊ मुख्य सचिव बनाए रखने से उनको बीच में हटाने की अटकलबाजी भी होती रही। हालांकि फरवरी, 2020 में तिवारी की मुख्य सचिव के पद पर नियमित नियुक्ति हुई, तब भी यह अटकलबाजी थमी नहीं। चार अधिकारी मौजूदा सहित दूसरे अन्य की वरिष्ठता को नजरंदाज कर आगे बढ़ने की कोशिशों में जुट गए। एक तगड़े दावेदार राजेंद्र से सरकार से समन्वय की कमी के अंदरूनी चर्चे बाहर फैलाने में लगे रहे। तीन अन्य, ‘खुद हों या न हों, चौथा न हो’ इस रणनीति पर केंद्रित हुए। ब्यूरोक्रेसी में पर्दे के पीछे की यह जंग इस कदर बढ़ी कि एक मुख्य दावेदार असहज हो दिल्ली चले गए। एक अन्य, अपनी चर्चित कार्यशैली से साइडलाइन हो गए। तीसरे, दूसरों की रणनीति से राजेंद्र का पत्ता कटे तो अपनी वरिष्ठता की उम्मीद में रहे। चौथे अधिकारी दो की बाधा हटने से अपनी उम्मीदें सजा ही रहे थे, कि ताजे घटनाक्रम ने उनकी सारी कोशिशों का बंटाधार कर दिया।
विज्ञापन


एक वरिष्ठ अधिकारी कहते हैं कि सेवानिवृत्ति के बाद किसी अफसर को सेवा विस्तार देकर महत्वपूर्ण पद सौंपने से दूसरे कई अन्य योग्य दावेदारों का अवसर मारा जाता है। पर, कई वरिष्ठों को अस्थिर कर खुद मौका तलाशने की कनिष्ठों के स्तर से जो हरकत शुरू हुई थी, उस दृष्टि से नया फैसला सर्वोत्तम है। वे कहते हैं कि 1984 बैच के आईएएस अधिकारी दुर्गाशंकर मिश्र की तैनाती 31 दिसंबर, 2022 तक के लिए है। प्रदेश के राजनीतिक परिदृश्य में ज्यादा बदलाव न हुआ तो उनके इस पद पर कार्यकाल पूरा करने की पूरी संभावना है। तब तक ये चारों दावेदार सेवानिवृत्त हो जाएंगे।

विज्ञापन

इस वर्ष रिटायर होने वाले वरिष्ठ आईएएस अधिकारी

नाम -- सेवानिवृत्ति का माह
देवाशीष पांडा (1987 बैच) -- जनवरी
टी. वेंकटेश (1988 बैच)  -- जनवरी
मो. इफ्तेखारुद्दीन (1985 बैच) -- फरवरी
संजय अग्रवाल (1984 बैच) -- मार्च
एमवीएस रामीरेड्डी (1988 बैच) -- अप्रैल
प्रभात कुमार सारंगी (1986 बैच) -- अप्रैल
आलोक सिन्हा (1986 बैच)  -- अप्रैल
मुकुल सिंघल (1986 बैच) -- अप्रैल
अवनीश कुमार अवस्थी (1987 बैच)  -- अगस्त
आलोक टंडन (1986 बैच) -- सितंबर
डिंपल वर्मा (1989 बैच) --  सितंबर
राजन शुक्ला (1988 बैच) -- नवंबर
शालिनी प्रसाद (1985 बैच) -- नवंबर
दुर्गाशंकर मिश्रा (1984 बैच) -- दिसंबर
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें