वरिष्ठ आईएएस अधिकारी दुर्गाशंकर मिश्रा को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से बुलाकर रिटायरमेंट से दो दिन पहले प्रदेश का मुख्य सचिव बनाए जाने से कई आईएएस अफसरों के सपनों पर पानी फिर गया है। इस पद की रेस में माने जाने वाले 1984 से 1987 बैच तक के कई अधिकारी दुर्गाशंकर की कार्यावधि में ही रिटायर हो जाएंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डॉ. अनूप चंद्र पांडेय के मुख्य सचिव पद का कार्यकाल पूरा करने के बाद 31 अगस्त 2019 को 1985 बैच के आईएएस अधिकारी राजेंद्र कुमार तिवारी की मुख्य सचिव के पद पर नियुक्ति की थी। उसी समय इस पद के लिए कई दूसरे नाम भी चर्चा में आ गए थे। यह प्रचारित होने लगा था कि तिवारी अपने सेवानिवृत्ति तक छोड़िए इस सरकार के पूरे कार्यकाल तक इस पद पर नहीं रह पाएंगे और कुछ ही महीने बाद सुर्खियों में रहने वाले एक अधिकारी की ताजपोशी हो जाएगी। आंशिक तौर पर यह बात सही भी हुई है।
तिवारी को लंबे समय तक कामचलाऊ मुख्य सचिव बनाए रखने से उनको बीच में हटाने की अटकलबाजी भी होती रही। हालांकि फरवरी, 2020 में तिवारी की मुख्य सचिव के पद पर नियमित नियुक्ति हुई, तब भी यह अटकलबाजी थमी नहीं। चार अधिकारी मौजूदा सहित दूसरे अन्य की वरिष्ठता को नजरंदाज कर आगे बढ़ने की कोशिशों में जुट गए। एक तगड़े दावेदार राजेंद्र से सरकार से समन्वय की कमी के अंदरूनी चर्चे बाहर फैलाने में लगे रहे। तीन अन्य, ‘खुद हों या न हों, चौथा न हो’ इस रणनीति पर केंद्रित हुए। ब्यूरोक्रेसी में पर्दे के पीछे की यह जंग इस कदर बढ़ी कि एक मुख्य दावेदार असहज हो दिल्ली चले गए। एक अन्य, अपनी चर्चित कार्यशैली से साइडलाइन हो गए। तीसरे, दूसरों की रणनीति से राजेंद्र का पत्ता कटे तो अपनी वरिष्ठता की उम्मीद में रहे। चौथे अधिकारी दो की बाधा हटने से अपनी उम्मीदें सजा ही रहे थे, कि ताजे घटनाक्रम ने उनकी सारी कोशिशों का बंटाधार कर दिया।
एक वरिष्ठ अधिकारी कहते हैं कि सेवानिवृत्ति के बाद किसी अफसर को सेवा विस्तार देकर महत्वपूर्ण पद सौंपने से दूसरे कई अन्य योग्य दावेदारों का अवसर मारा जाता है। पर, कई वरिष्ठों को अस्थिर कर खुद मौका तलाशने की कनिष्ठों के स्तर से जो हरकत शुरू हुई थी, उस दृष्टि से नया फैसला सर्वोत्तम है। वे कहते हैं कि 1984 बैच के आईएएस अधिकारी दुर्गाशंकर मिश्र की तैनाती 31 दिसंबर, 2022 तक के लिए है। प्रदेश के राजनीतिक परिदृश्य में ज्यादा बदलाव न हुआ तो उनके इस पद पर कार्यकाल पूरा करने की पूरी संभावना है। तब तक ये चारों दावेदार सेवानिवृत्त हो जाएंगे।