लखनऊ। हनी ट्रैपिंग के मामले में कई अधिकारी भी फंस गए थे। फर्जी पुलिसकर्मियों ने महिलाओं के जरिए इन अधिकारियों को निशाना बनाकर लाखों रुपये ऐंठ लिए। इनमें रेलवे व आयकर विभाग के अफसर भी शामिल हैं। इनकी तैनाती आसपास के जिलों में है। इन अधिकारियों ने मंगलवार को पुलिस से संपर्क किया जिसके बाद पुलिस जांच कर रही है। वहीं गिरफ्तार दो महिलाओं सहित पांच आरोपियों को जेल भेज दिया गया।
एक पशु चिकित्सक की शिकायत पर डीसीपी मध्य सोमेन वर्मा की टीम ने हनीट्रैप गिरोह चला रहे अजीजुल हसन सिद्दीकी, पंकज गुप्ता, अतुल सक्सेना और दो महिलाओं को सोमवार को गिरफ्तार किया था। इन लोगों ने अपने जाल में कई लोगों को फंसाकर उनका अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया था। अजीजुल और पंकज पुलिस की वर्दी पहनकर फर्जी दरोगा बनकर लोगों को धमकाते थे और रुपये ऐंठ लेते थे। मंगलवार को इस गिरोह के चंगुल में फंसे लोगों ने पुलिस अधिकारियों से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि गिरोह ने उन्हें भी ब्लैकमेल कर वसूली की थी।
आसपास के जिलों में फैला है नेटवर्क
एडीसीपी चिरंजीव नाथ सिन्हा के मुताबिक, इस गिरोह के बारे में कई और जानकारियां मिल रही हैं। इन लोगों ने आसपास के जिलों में तैनात अधिकारियों को भी अपना शिकार बनाया था। उनसे रुपये के अलावा कुछ महंगे सामान भी ऐंठे थे। इस गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी हासिल की जा रही है। फिलहाल पांच सदस्यों का नाम सामने आया है। इस गिरोह के मददगाराें की भी तलाश की जा रही है। अन्य पीड़ितों से भी पूछताछ कर आरोपियों के खिलाफ और मुकदमे दर्ज किए जाएंगे।