सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर
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सपा से गंठबंधन टूटने के बाद अब सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) में बगावत हो गई है। पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महेंद्र राजभर के साथ बलिराज राजभर ने अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर को तगड़ा झटका देते हुए उन्हें अपना त्यागपत्र भेज दिया है। महेंद्र के साथ एक दर्जन कार्यकर्ताओं ने भी पार्टी छोड़ने का एलान किया है। महेंद्र ने ओमप्रकाश राजभर पर मनमाने तरीके से फैसले लेने और माफिया मुख्तार अंसारी की सलाह पर पार्टी चलाने का आरोप लगाया है।
बता दें कि पार्टी के संस्थापकों में शामिल रहे महेंद्र सुभासपा अध्यक्ष के काफी करीबी लोगों में रहे हैं। पार्टी में महेंद्र की अहमियत ओमप्रकाश के बाद दूसरे नंबर पर थी। वह पार्टी की रणनीति और नीति बनाने की प्रमुख भूमिका निभाते थे। 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा गठबंधन में सुभासपा ने उन्हें मुख्तार के खिलाफ मऊ सदर से लड़ाया था, जिसमें महेंद्र को 89 हजार के करीब वोट मिले थे। वह मुख्तार से करीब 6 हजार मतों से पराजित हुए थे। पार्टी ने 2019 के लोकसभा चुनाव में भी उन्हें मऊ से प्रत्याशी बनाया था।
महेंद्र के अचानक पार्टी छोड़ने की घोषणा से सुभासपा अध्यक्ष समेत अन्य नेता सकते में हैं। उन्होंने मान-मनौव्वल की कोशिशें शुरू कर दी हैं। पार्टी के पदाधिकारी और ओमप्रकाश के पुत्र अरुण ने कहा कि हम लोग महेंद्र से संपर्क की कोशिश कर रहे हैं। उम्मीद है उनकी शिकायतों को दूर करके उन्हें मनाया जाएगा।