प्रदेश की योगी सरकार ने पिछले डेढ़ साल में आम लोगों की सहूलियत के लिए अधिकतम सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन कराकर सरकारी दफ्तरों की दौड़धूप से छुट्टी दिलाने पर फोकस किया। अब आने वाले दिनों में सभी विभागों के शासन से फील्ड तक के समस्त कर्मियों की नियुक्ति से रिटायरमेंट तक समस्त सेवाएं तय समय पर ऑनलाइन दिलाने का फैसला किया है। इसके लिए सभी विभागों के सेवा संबंधी सारे कामकाज मानव संपदा पोर्टल के जरिए कराए जाएंगे।
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शासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जब सत्ता संभाली थी, उस समय आम लोगों की जरूरत से जुड़ी 44 सेवाएं ऑनलाइन और 170 ऑफलाइन थीं। जो सेवाएं ऑनलाइन थीं, वे भी नाम मात्र की थीं।
मुख्यमंत्री ने इन सभी सेवाओं को ऑनलाइन करवाकर आम लोगों को सरकारी दफ्तरों की दौड़धूप से छुट्टी दिलाने का निर्देश दिया था। सभी विभाग ये टास्क तय टाइमलाइन पर पूरा करें, इसकी निगरानी की जिम्मेदारी भी तय की। अब 181 सेवाएं ऑनलाइन हो चुकी हैं। इनमें से 137 पिछले डेढ़ साल में हुई हैं। जनसामान्य केलिए अधिसूचित सेवाओं में मात्र 17 ही बची हैं जिन्हें ऑनलाइन किया जाना बाकी है।
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अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने अब सरकारी कर्मचारियों की नियुक्ति से लेकर सेवानिवृत्ति तक सभी सेवाएं तय समय में ऑनलाइन सुलभ कराने के लिए मानव संपदा सॉफ्टवेयर को अनिवार्य रूप से लागू करने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री इस काम को तय समयसीमा में कराने के लिए सभी विभागों के साथ संवाद भी कर सकते हैं।
राजस्व व नगर विकास में अविवादित नामांतरण, उर्वरक , बीज बिक्रीव कीटनाशक लाइसेंस, फसल बीमा, डीबीटी से कृषि सुविधाओं के नकद लाभ, नगर निगम में पेयजल कनेक्शन, ट्रेड लाइसेंस, नक्शे की मंजूरी, राशन कार्ड, नि:शक्तता प्रमाणपत्र, नर्सिंग होम पंजीकरण, मेडिको लीगल, मृत्यु प्रमाणपत्र, वाहन लाइसेंस, श्रमिकों का रजिस्ट्रेशन, दुकानों से जुड़े लाइसेंस, पेंशन, रजिस्ट्री, छात्रवृत्ति, सिनेमाघरों के लाइसेंस, फायर सेवाओं की एनओसी, फिल्म शूटिंग की अनुमति, सोसाइटी पंजीकरण, गोशालाओं का पंजीकरण, नए ठेकेदार का रजिस्ट्रेशन व नवीनीकरण, बाट-माप से जुड़े लाइसेंस, मार्क्सशीट, प्रमाणपत्र, बार लाइसेंस, भूमि आवंटन आदि।
मानव संपदा पोर्टल पर कर्मचारियों को मिलेंगी ये सुविधाएं
मानव संपदा पोर्टल पर सरकारी कर्मी की नियुक्ति, स्थायीकरण, वार्षिक एंट्री, वेतनवृद्धि, अवकाश, एलटीसी, एसीपी, पदोन्नति, तबादले, ऋण पत्रावली की मंजूरी, सेवानिवृत्ति, ग्रेच्युटी, पेंशन भुगतान जैसी सभी सेवाएं व जानकारियां तय समयसीमा में ऑनलाइन उपलब्ध होंगी। कौन कर्मचारी कहां कितनी सेवा कर चुका है, सेवाकाल में उसे कभी दंड मिला या नहीं, मिला तो किस तरह का मिला, पुरस्कार मिले तो किस तरह के, यह भी पता चल सकेगा। कर्मचारियों को इसके लिए अफसरों की जी-हुजूरी नहीं करनी होगी।