बच्ची का सिर शौचालय की सीट में फंस गया। इस पर महिला ने गुहार मचाया, तो पति व इर्दगिर्द के अन्य लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसी प्रकार बच्ची को सीट से सही सलामत बाहर निकाला। इसके बाद सामने स्थित एक निजी नर्सिंगहोम में जच्चा-बच्चा को भर्ती कराया गया। यहां दोनों की हालत सामान्य बताई जाती है।
उधर सीएचसी प्रभारी डॉ. मार्कण्डेय प्रसाद ने बताया कि अस्पताल में कोई प्रसूता नहीं आई। प्रसूता के लिए कोई पर्चा नहीं बनता। आशा के माध्यम से आने वाली प्रसूता को सीधे भर्ती किया जाता है।
कहा कि संबंधित आशा से इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा जाएगा कि उसे प्रसूता के आने की जानकारी क्यों नहीं हुई। यदि लापरवाही पाई गई, तो कार्रवाई भी की जाएगी।
जांच कर होगी कार्रवाई
सीएमओ डॉ. अशोक कुमार का कहना है कि मामला संज्ञान में नहीं है। यदि शिकायत सामने आती है, तो पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। जिस भी स्तर पर लापरवाही का मामला सामने आएगा, तो आवश्यक कार्रवाई भी की जाएगी।