मनोहर पर्रिकर ने सोमवार को विधानसभा के तिलक हॉल में राज्यसभा का नामांकन पत्र भरा। रक्षामंत्री मनोहर पारिकर इससे पूर्व गोवा के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यरत थे।
यूपी से नामांकन पत्र भरने के बाद मनोहर ने राज्यपाल राम नाईक से मुलाकात की। तिलक हॉल में अपना नामांकन पत्र भरने के बाद मीडिया से भी रूबरू हुए।
इस अवसर पर मनोहर ने कहा कि अभी हिंदी भाषा पर मेरी इतनी पकड़ नहीं है। मगर मैं अपनी हिंदी पर काम कर रहा हूं। उन्होंने कहा कि अगले दो-चार महीनों में पूरी तरह से हिंदी सीखने की कोशिश करूंगा।
मनोहर कहते हैं कि मैं खुद को बहुत ही खुशनसीब समझता हूं कि मुझे यूपी से राज्यसभा जाने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि अपने तजुर्बे का पूरा फायदा वो उत्तर प्रदेश के विकास को देंगे।
ताकतवर हुई यूपी की राजनीति
केंद्रीय मंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा कि पिछले कुछ बरसों में कमजोर हुई उत्तर प्रदेश की राजनीतिक ताकत फिर बढ़ गई है।
प्रधानमंत्री और गृहमंत्री यूपी से ही हैं। रविवार को भी इस सूबे से कई मंत्री बने हैं। परिकर ने कहा, उत्तर प्रदेश, उत्तम प्रदेश बनना चाहिए। इसके लिए मुझसे जो बन पड़ेगा, जरूर करूंगा।
मीडियाकर्मियों से बातचीत में उन्होंने कहा कि वे गोवा में ही रहना चाहते थे। मोदीजी ने दिल्ली बुला लिया। उन्हें देश के लिए कुछ करने में सहयोग देने का मौका मिला है। वे इसके लिए हरसंभव कोशिश करेंगे।
एक सवाल के जवाब में परिकर ने कहा कि 80 सांसद देने वाले यूपी की जो ताकत पहले थी, वह फिर लौट रही है। बाहरी नेताओं को राज्यसभा भेजने के सवाल पर उन्होंने टिप्पणी की, गोवा से हूं, देश से हूं।
पर्रिकर ने कहा, यूपी में नेताओं की कमी नहीं है। रविवार को भी यहां के कई नेताओं को केंद्रीय मंत्री पद की शपथ दिलाई गई है। वे राज्यसभा में यूपी का प्रतिनिधित्व करेंगे, लोकसभा में नहीं। राष्ट्रीय राजनीति के लिए राज्यसभा एक रूट होता है।