आम तेरी ये खुशनसीबी है, वरना लंगड़े पे कौन मरता है।
सागर ख़य्याम के इस शेर ने लंगड़े आम की भी हौसला अफजाई कर डाली वहीं अकबर इलाहाबादी कहते हैं।
असर ये तेरे अन्फ़ास-ए-मसीहाई का है 'अकबर', इलाहाबाद से लंगड़ा चला लाहौर तक पहुंचा।
आम एक ऐसा फल है जिसकी तारीफ में शायरों ने भी अपनी कलम का भरपूर इस्तेमाल किया है। आम ही एक ऐसा फल है जिसकी गुठली लोग तब तक चबाते रहते हैं जब तक उस के रस में फीकापन न आ जाए। अब मौसम आम का चल रहा है, तो आम का जिक्र लाजमी है। खासकर ऐसे में जब आपके शहर में मैंगो फूड फेस्टिवल लगा हो।
आम के शौकीन लोगों को आम की सारी वेरायटी और आम से बने लजीज व्यंजन अगर एक ही छत के नीचे मिल जाए तो कहना ही क्या। इस लज्जत को चखने के लिए आप भी पर्यटन भवन जा सकते हैं। वहां फलों का राजा लोगों का दिल लुभा रहे हैं।
पर्यटन भवन में जाते ही आपको लगेगा कि आप आम के बाग में पहुंच गए हैं। जहां चारपाई, मसनद और डंडे के साथ एक सेल्फी पॉइंट भी बना हुआ है। हर आने वाला आदमी यहां सेल्फी लेकर ही आगे बढ़ता है।
आगे बढ़ते ही आम की स्टाल दिखने लगता है। जहां अल्फांसो, गुलाब खास, दशहरी, लंगड़ा, कपूरी, चौसा समेत आम की करीब 50 वेरायटी यहां मौजूद है। वहीं आम से बनी दाल और आम रोगन जोश जैसे व्यंजन लोगों के मुंह मे पानी लाने का का काम कर रहे हैं।
यहां करीब 25 स्टाल लगे हैं, जहां आपको आम से बनी आइसक्रीम, आम सिंवई, आम केक, आम कुल्फी, आम स्क्वाश, आम चटनी, आम अचार, आम पन्ना मिल जाएगा। वहीं आम से बने नॉन वेज आइटम में आम रोगन जोश, आम कोफ्ता, आम कोरमा, आम बिरयानी जैसे व्यंजन नॉन वेज के शौकीन लोगों का दिल लुभा रहे हैं।
21 जुलाई तक चलने वाले इस महोत्सव में मलिहाबाद और सीतापुर से आये आम व्यापारियों को मुनाफे की उम्मीद तो है ही साथ ही राजधानी के लोगों को ये महोत्सव खूब लुभा रहा है।