डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय में प्रबंधन शास्त्र के पाठ्यक्रम में अब विद्यार्थी आध्यात्म और वैदिक ज्ञान का पाठ भी पढ़ सकेंगे। इसके लिए पाठ्यक्रम में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत बदलाव किया जा रहा है। विवि में बुधवार को इससे संबंधित समिति की बैठक हुई।
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बैठक में मल्टीएग्जिट प्रणाली लागू करने पर भी सहमति बनी। बैठक में समिति ने एमबीए के नए पाठ्यक्रम के प्रस्ताव को रखा। जिसके तहत छात्र अब एमबीए प्रथम वर्ष करने के बाद यदि नौकरी में जाना चाहते हैं तो उन्हें पीजीडीबीए की डिग्री दी जाएगी।
कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय के सुझाव पर आध्यात्मिकता और वैदिक विजडम तथा मैनेजमेंट एंड डिजाइन थिंकिंग को भी पाठ्यक्रम के रूप में शामिल करने की सहमति बनी। बैठक में प्रो. मोनिका सिंघानिया, प्रो. एमके झा, प्रो. संगीता साहू समेत कई शामिल हुए।