प्रदेश के जिस क्षेत्र में जिस तरह की आपदा का प्रभाव होगा, उस इलाके के लिए उसी के हिसाब से रणनीति तैयार कर राहत प्रबंधन किया जाएगा। इसके अलावा सरकार आपदा से बचाव को लेकर बड़े पैमाने पर जागरूकता कार्यक्रम भी शुरू करेगी। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के नाविकों व गोताखोरों को सरकार प्रशिक्षण देने के साथ ही मुफ्त सेफ्टी किट भी मुहैया कराएगी।
ये महत्वपूर्ण निर्णय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को लोकभवन में संपन्न राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक लिए गए। प्रदेश में बाढ़, भूकंप, बिजली गिरने, नाव दुर्घटना व वन्य जीवों के हमले जैसी कई तरह की दैवीय आपदाएं आती हैं। इससे तमाम लोगों की जान चली जाती है। मुख्यमंत्री ने अलग-अलग तरह की आपदा से प्रभावित क्षेत्रों को चिन्हित कर वहां के लोगों को संबंधित आपदा से जुड़ी सावधानियों के प्रति जागरूकता के लिए प्रशिक्षित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के कई जिले बाढ़ के प्रति संवेदनशील हैं। इन इलाकों के नाविकों व गोताखोरों का प्राथमिकता पर प्रशिक्षण कर नि:शुल्क सेफ्टी किट दी जाए। इस किट में लाइफ जैकेट, पतवार, रस्सी, टार्च, प्राथमिक चिकित्सा किट आदि शामिल होनी चाहिए। बिजली गिरने से बचाव के बारे में भी बताया जाए।
एकीकृत कमांड और कंट्रोल सेंटर की स्थापना
कोरोना काल में सभी जिलों में एकीकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किए गए थे। मुख्यमंत्री ने इन सेंटर्स का उपयोग आपदा के संबंध में करने की व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देशित किया कि भविष्य में जिलों में बनने वाले एकीकृत जनपदीय कार्यालयों में एकीकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की व्यवस्था की जाए।