उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने लोक निर्माण विभाग व सेतु निगम के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि 15 जनवरी से 15 फरवरी तक एक माह का विशेष अभियान चलाकर सभी स्वीकृत मार्गों का निर्माण तेजी से कराया जाए।
मौर्य मंगलवार को लोक निर्माण विभाग स्थित तथागत सभागार में उच्चस्तरीय बैठक में कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस अभियान में सभी संबंधित अधिकारी फील्ड का लगातार भ्रमण करें। बिना किसी ठोस कारण के अगर कार्यों में अपेक्षित गति नहीं पाई गई, तो जिम्मेदार अधिकारी व कर्मचारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। आवंटित बजट का शत-प्रतिशत उपयोग निर्धारित समय-सीमा के अंदर सुनिश्चित किया जाए। ग्रामीण मार्गों, लघु सेतुओं और एप्रोच रोड पर विशेष रूप से फोकस किया जाए।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि अगर ठेकेदारों के कोई भुगतान अवशेष हैं, तो शीघ्र भुगतान किया जाना सुनिश्चित किया जाए। मौर्य ने निर्देश दिए कि लोक निर्माण विभाग के पांच सेवानिवृत्त उच्चस्तर के अभियंताओं की सहमति से उनके अनुभवों से फायदा उठाया जाए। रोड एंबुलेंस तत्काल खरीदी जाएं, उसे अगले माह हर हाल में लॉन्च किया जाना है। सकरी पुलियों के चौड़ीकरण में विशेष रूप से तेजी लाई जाए। किसी भी पटल पर कोई भी पत्रावली किसी भी दशा में लंबित नहीं रहनी चाहिये। टॉप 10 आईएएस चयनितों के घरों तक बनाई जाने वाली सड़कों को मॉडल सड़क के रूप में विकसित किया जाए।
52 मार्गों के लिए 9 करोड़
शासन ने राज्य सड़क निधि से विभिन्न जिलों के 52 मार्गों के निर्माण कार्यों के लिए नौ करोड़ 7 लाख 67 हजार की राशि जारी की है। इन 52 कार्यों के लिए 45 करोड़ 38 लाख 41 हजार की प्रशासकीय एवं वितीय स्वीकृति मिली है।