चार दिन पहले जिस युवक को चोर समझकर गांव वालों ने पीटा था और उस पेट्रोल डालकर मारने की कोशिश की थी उसकी अस्पताल में मौत हो गई।
बाराबंकी के एसपी ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि देवा गांव के सुजीत कुमार की मौत हो गई है। इस मामले में उस घर के पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है जिसमें कुत्तों से अपनी जान बचाने के लिए वह छुपा था।
आपको बता दें कि चार दिन पहले पैदल ससुराल जा रहे एक युवक को रास्ते में ग्रामीणों ने पकड़कर चोरी करने का आरोप लगाकर हैवानियत की हदें पार कर डाली थीं। युवक की लाठी, डंडों से पिटाई करने के साथ उसे पानी में डुबोया फिर करंट लगाया और पेट्रोल डालकर जलाने का प्रयास किया।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने युवक को ग्रामीणों के चंगुल से छुड़ाया। फिर उसे सीएचसी पहुंचाया जहां से उसे गंभीर हालत में सिविल अस्पताल लखनऊ में भर्ती कराया गया था।
पुलिस के मुताबिक गुरुवार की दोपहर सुजीत (22) पुत्र खुशीराम निवासी तिंदोला अपनी ससुराल टाई कला जा रहा था। रास्ते में पड़ने वाले गांव राघोपुरवा में कुत्तों के झुंड को देखकर वह गांव के किनारे रुक गया और एक घर में शरण लेने की कोशिश कर रहा था।
इसी दौरान वहां पर गांव के कुछ लोगों ने उसे घेर लिया और उस पर गांव में चार दिन पूर्व देशराज के घर पर हुई चोरी करने का आरोप लगाया और लाठियों से पीटना शुरू कर दिया।
इस दौरान सुजीत चिल्लाता रहा कि वह बेगुनाह है। उसने कहा कि वह पेंटिंग का कार्य कर अपने परिवार का पेट पालता है चोर नहीं है। आज अपनी ससुराल अपनी बच्ची को बुलाने जा रहा था। लेकिन उसकी गिड़गिड़ाहट का दबंगों पर कोई असर नहीं हुआ।
पिटाई के बाद उसे बिजली का करंट लगाया गया जिससे सुरजीत बेहाल हो गया। बाद में उसे एक बड़े ड्रम में पानी भर कर उसे उल्टा पानी में डुबोया गया। जब इतनी यातनाओं से भी इन दबंगों का मन नहीं भरा तो इन लोगों ने आखिर में उसे जान से मारने की नीयत से उस पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी जिससे वह जलते हुए जमीन पर तड़पने लगा। बाद में पुलिस वालों ने उसे गुस्साये लोगों से बचाया था।