बलरामपुर शहर में एक पिता की लापरवाही से मासूम की जान आफत में फंस गई। जनपद निवासी एक युवक अपने पांच साल के बच्चे को एसयूवी में बंदकर होटल में चाय पीने चला गया। गाड़ी की चाबी भी मासूम के पास छोड़ गए जिससे अनजाने में उसने गाड़ी को लॉक कर लिया।
पिता को जब याद आया तो वह दौड़कर गाड़ी के पास पहुंचा। लड़का सो रहा था। गाड़ी लॉक होने की चलते पिता के हाथ-पांव फूल गए। अनहोनी की आशंका से लोग सहम गए। आसपास के लोग गाड़ी का शीशा तोड़ने की सलाह देने लगे। काफी देर तक यह सिलसिला चलता रहा। तमाम प्रयास के बाद बच्चे को जगाया गया। जगने के बाद गाड़ी के आसपास जुटी भीड़ को देखकर बच्चा भी कुछ देर के लिए सहम गया।
पिता बेटे को बार-बार गाड़ी खोलने का तरीका बता रहा था। काफी देर बाद बच्चे के समझ में आया और उसने गाड़ी का दरवाजा खोला। बच्चे को सकुशल देखकर पिता के साथ-साथ वहां मौजूद लोगों ने भी राहत की सांस ली।
ये हादसा उन माता-पिता को नसीहत देने के लिए काफी है, जो चार पहिया वाहनों पर अकेले अपने बच्चों को छोड़कर सामनों की खरीदारी के लिए चले जाते है। उनकी इस हरकत से कभी-कभी बच्चे की जान जोखिम में पड़ जाती है। इसलिए बच्चे को कभी भी गाड़ी में अकेला न छोड़ें।