एक युवक ने अपनी साली की चाहत में न सिर्फ पति-पत्नी में झगड़ा कराया, बल्कि उनके मासूम बेटे की हत्या करके साढ़ू को फंसाने की साजिश रच डाली। वह साली को साथ रखना चाहता था। इकलौते बेटे के शव के पास बिलख रही मां के कान फूंके। उसने पति पर हत्या का आरोप लगाते हुए गिरफ्तारी की मांग की। आक्रोशित भीड़ ने प्रदर्शन किया। आरोपी को जेल भेजने का जबरदस्त दबाव बना। पुलिस ने मासूम की हत्या के आरोपी पिता को हिरासत में लिया। बेगुनाह नजर आने पर कोतवाल ने उसे छोड़ा। खुद न सिर्फ आरोपों से घिरे, बल्कि आला अफसरों की फटकार भी सुनी। अपर पुलिस अधीक्षक व क्षेत्राधिकारी ने स्थिति साफ करके कोतवाल को कार्रवाई से बचाया। नौ दिन बाद सच सामने आया। सब्जी विक्रेता के माथे से बेटे की हत्या का कलंक मिटा। बहकावे में आकर आरोप लगाने वाली पत्नी पछताई और मासूम के कत्ल में मौसा सलाखों के पीछे पहुंचा। इसके साथ पति-पत्नी की गलतफहमी दूर हो गईं।
शादी समारोह से मासूम को अगवा करके हत्या
पति से अनबन के चलते ठाकुरगंज के गढ़ी पीर खां स्थित मायके में रह रही खुशबू कश्यप अपने तीन साल के बेटे ऋषभ को साथ लेकर 27 अप्रैल 2018 की रात मोहल्ले में ही एक रिश्तेदार की शादी में शामिल होने गई थी। उसका जीजा रज्जनलाल अपने परिवार के साथ वहां गया था। खुशबू रिश्तेदारों के बीच बातचीत में मशगूल हुई और मासूम ऋषभ अपने मौसा के बच्चों के साथ खेलने लगा। पंडाल में लगे झूले के पास से ऋषभ संदिग्ध हालात में लापता हो गया।
बच्चों के बीच ऋषभ नजर न आने पर खुशबू ने रज्जनलाल की मदद से तलाश शुरू की। शादी समारोह से बच्चे के लापता होने से हड़कंप मच गया। कुछ पता न चलने पर ठाकुरगंज थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। इस दौरान रज्जनलाल ने खुशबू के पति संतोष कश्यप पर बच्चे को उठा ले जाने की आशंका जताई और खुशबू व अन्य रिश्तेदारों के कान भरने शुरू कर दिए। अगली सुबह समारोह स्थल से सौ मीटर दूर झाड़ी में ऋषभ का क्षतविक्षत शव मिला। उसे कुत्तों ने नोच डाला था और कपड़े अस्तव्यस्त थे। बेटे का शव देखते ही खुशबू बिलख पड़ी। उसने पति पर बेटे की हत्या का आरोप लगाया। रज्जनलाल ने हवा दी और रिश्तेदार व इलाके के लोग आक्रोशित हो गए। पुलिस ने आननफानन में हुसैनगंज इलाके में संतोष के घर दबिश दी। उसे हिरासत में ले लिया गया।
कॉल डिटेल से उधड़ने लगी साजिश की परतें
विवेचक ने ऋषभ की हत्या से दो दिन पहले उसके पिता संतोष कश्यप के मोबाइल पर आई कॉल का ब्योरा खंगालकर संदिग्ध नंबर चिह्नित किया। अपर पुलिस अधीक्षक नगर पश्चिम की सर्विलांस ने आननफानन उस नंबर की छानबीन की। पता चला कि सिमकार्ड फर्जी आईडी से लिया गया था। इस पर मोबाइल फोन के आईएमईआई नंबर का ब्योरा खंगाला गया। पता चला कि रज्जनलाल ने मोबाइल में फर्जी आईडी से खरीदा सिमकार्ड लगाकर संतोष को कॉल की थी। वह संतोष को उकसा कर 27 अप्रैल की रात इलाके में बुलाना चाहता था। इरादा था कि समारोह में आए रिश्तेदार संतोष को देख लें। इसके बाद ऋषभ के लापता होने पर सभी का सीधा शक संतोष पर जाए और हत्या की पड़ताल में उसका मोबाइल सर्विलांस पर लेने पर लोकेशन भी ट्रेस हो जाए। संतोष उसके उकसावे में नहीं आया तो खुशबू व रिश्तेदारों को भड़काकर उसके खिलाफ माहौल बना डाला था।
पति पत्नी में कराया झगड़ा
अहम साक्ष्य जुटाने के बाद पुलिस ने रज्जनलाल को पकड़ा। वह भड़क उठा। खुशबू और अन्य रिश्तेदार भी विरोध जताने लगे। अपर पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में क्षेत्राधिकारी व कोतवाल ने रज्जनलाल को हत्या से दो दिन पहले उसके द्वारा संतोष को की गई कॉल की जानकारी दी तो उसके हवाइयां उड़ने लगीं। खुशबू व रिश्तेदार भी सन्न थे। कोतवाल ने आंखें तरेरी तो रज्जनलाल मासूम की हत्या के राज उगलने लगा। बोला कि साली खुशबू से एकतरफा प्यार करता था। उसे जिंदगी भर साथ रखने के इरादे से पति के खिलाफ भड़काना शुरू किया और मौका मिलने पर संतोष के भी कान भर देता था। पति-पत्नी में झगड़ा होने लगा। आलम यह हुआ कि संतोष को शक हो गया कि ऋषभ उसका बेटा नहीं है। बात इतनी बिगड़ी कि खुशबू बेटे संग मायके में रहने लगी। उसने संतोष व उसके परिवारीजनों पर दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाया और संतोष ने तलाक की कार्रवाई कर डाली। इसके बाद रज्जनलाल को उनका इकलौता बेटा ऋषभ खटकने लगा था। उसने ऋषभ की हत्या करके उसके पिता को ही फंसाने की साजिश रच डाली।
बेटा गंवाकर दूर हुई गलतफहमी
ऋषभ की हत्या का राज उजागर हुआ तो खुशबू और संतोष एक-दूसरे से नजर नहीं मिला पा रहे थे। ठाकुरगंज थाने से संतोष अपने घर लौटा और खुशबू मायके चली गई। कुछ दिनों तक आपस में बातचीत का बहाना तलाश किया। फोन पर बात हुई। दोनों पछताए। ढाई महीने बाद खुशबू पति के पास लौट गई। दहेज उत्पीड़न के आरोप का सामना कर रहे परिवारीजनों ने दोनों को फटकारा। दोनों लोग अपने परिवार से अलग रहने लगे। खुशबू के भाई अमित कश्यप का कहना है कि बड़े बहनोई रज्जनलाल द्वारा मासूम ऋषभ की हत्या की बात परिवारीजनों के गले नहीं उतर रही है। जेल में बंद रज्जनलाल का कहना है कि पुलिस के दबाव में हत्या का जुर्म स्वीकार कर लिया था। वहीं, विवेचक दीपक दुबे पुख्ता सुबूतों के आधार पर उसे सख्त सजा मिलने का दावा कर रहे हैं।