ग्रामीणों के मुताबिक स्वच्छ भारत मिशन के तहत सभी घरों में प्रशासन बनाए जाने के दावे के साथ गांव को ओडीएफ घोषित किया गया है। उमेश अपनी बुजुर्ग मां श्यामकला के साथ रहता था। उसके घर में शौचालय नहीं बन पाया है।
इसके कारण सोमवार को उमेश शौच के लिए तालाब किनारे गया था। ग्राम प्रधान रामकरन ने बताया कि जिन लोगों के नाम सूची में थे उनके घर शौचालय बनाए गए हैं। सूची में नाम न होने के चलते उमेश को लाभ नहीं मिला।