लखनऊ। गाजीपुर पुलिस ने रविवार रात एक बड़े जालसाज को गिरफ्तार किया है। आरोपी जालसाज ने पूर्वांचल के कई जिलों की नगर पालिकाओं, नगर पंचायतों और प्रदेश के चार मेडिकल कॉलेज में सफाई का काम दिलाने के नाम पर 2.72 करोड़ रुपये की ठगी की है। आरोपी के खिलाफ पीड़ितों ने पिछले साल मुकदमा दर्ज कराया था।
प्रभारी निरीक्षक गाजीपुर रामेश्वर कुमार के मुताबिक, इंदिरानगर के पानी गांव निवासी काशीनाथ तिवारी पर 2.72 करोड़ रुपये की ठगी करने का आरोप है। इस ठगी में काशी नाथ तिवारी केसाथ उनकी पत्नी कालिंदी तिवारी, दो बेटे आशुतोष तिवारी, शुभनारायण तिवारी, साली मीना तिवारी, साला सुनील पांडेय शामिल हैं। इन सभी के खिलाफ गोरखपुर के राममुरारी आर्या, राकेश चौधरी, बलिया के रत्नेश कुमार बबलू, प्रयागराज के प्रमोद सिंह व वाराणसी के अभिषेक कुमार ने मुकदमा दर्ज कराया था। पीड़ितों ने आरोप लगाया कि काशीनाथ तिवारी ने गोरखपुर के अवंतिका होटल में सभी को मिलने के लिए बुलाया। काशी ने भारतीय कूड़ा कचरा प्रबंधक संस्थान द्वारा पूर्वांचल के कई नगर पालिकाओं, नगर पंचायतों, चार मेडिकल कॉलेज (गोरखपुर, प्रयागराज, झांसी व मेरठ) में सफाई का ठेका दिलाने का वादा किया।
वहीं माध्यमिक शिक्षा परिषद में कंप्यूटर शिक्षक की नौकरी दिलाने का भी दावा किया। काशी ने एक्सिस बैंक के इंदिरानगर खाते में 2.72 करोड़ रुपये जमा कराए। वादा किया कि जुलाई 2020 में काम उनके संस्थान को मिल जाएगा लेकिन काम नहीं हुआ। पीड़ितों ने रुपये वापस मांगे तो धमकी दी। पीड़ितों ने गाजीपुर थाने में काशीनाथ, कालिंदी व उनके दो बेटों सहित छह लोगों के खिलाफ कूटरचित दस्तावेज तैयार करने, धोखाधड़ी करने का मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने विवेचना के दौरान रविवार को काशीनाथ तिवारी को इंदिरानगर इलाके से गिरफ्तार कर लिया है। प्रभारी निरीक्षक गाजीपुर रामेश्वर कुमार के मुताबिक, अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।