इस पर आसपास के अन्य दुकानदारों ने बीच-बचाव करके दोनों को अलग कर दिया। हुकुम घर पहुंचा और पत्नी मीनू व बेटे को बात बताई। इसके बाद पूरा परिवार शुभम के घर आ धमका और आरती से गाली-गलौज करने लगा। इसके बाद आरती को घसीट कर लात-घूसों से पीटा।
वह जमीन पर औंधे मुंह गिर गई और उसका गर्भपात हो गया और रक्तस्राव होने लगा। यह देख आरोपी भाग निकले। पड़ोसियों ने वारदात की जानकारी शुभम व पुलिस को दी। घर पहुंचा शुभम पत्नी को लेकर लोहिया अस्पताल गया, जहां से ट्रॉमा रेफर कर दिया गया। रास्ते में आरती की मौत हो गई।