लोकगायिका मालिनी अवस्थी ने बिहार की भोजपुरी अकादमी में ब्रांड एम्बेसडर बनने से इन्कार कर दिया है।
मालिनी को ब्रांड एम्बेसडर बनाने का विरोध करने वाले भोजपुरी गायक और अभिनेता मनोज तिवारी ने इस फैसले का स्वागत किया है।
उनका तर्क था कि मालिनी अवधी की गायिका हैं। भोजपुरी से उनका कोई नाता नहीं है। बिहार की भोजपुरी अकादमी में ब्रांड एम्बेसडर बनाए जाने के मुद्दे पर हो रहे हंगामे पर लोकगायिका मालिनी अवस्थी ने विराम लगा दिया।
उन्होंने इस अकादमी का ब्रांड एम्बेसडर बनने से इन्कार कर दिया है। मालिनी का विरोध करने वाले भोजपुरी गायक व अभिनेता मनोज तिवारी इस फैसले को भोजपुरी के हित से जोड़कर देख रहे हैं।
वहीं, सूत्र बताते हैं कि एक-दूसरे की राजनीतिक पहुंच को ध्यान में रखते हुए मामले को खत्म कर देना ही बेहतर समझा गया।
मालिनी ने कहा कि उन्हें पद की लालसा नहीं है। उनका उद्देश्य अवधी व भोजपुरी का विकास रहा है। उन्होंने कहा कि यह फैसला विरोधियों के दबाव में नहीं लिया गया है।
बल्कि भाषा के विकास और लोगों की जनभावना को देखते हुए यह निर्णय लिया है। वहीं, मनोज तिवारी ने कहा कि उनका उद्देश्य लोकगायिका का विरोध नहीं बल्कि उस निर्णय का विरोध करना था जिसे अकादमी ने भोजपुरी के वरिष्ठ कलाकारों को नजरअंदाज करके लिया था।
लोकगायिका को ब्रांड एम्बेसडर बनने से उसी वक्त इनकार कर देना चाहिए था, जब अकादमी ने यह निर्णय लिया था। बावजूद मालिनी का निर्णय सराहनीय है। इससे भोजपुरी के वरिष्ठ कलाकारों को मौके मिलेंगे।