रायबरेली। किसानों के सामने खाद, बीज का संकट है। बिजली और पानी की समस्याएं भी कम नहीं हैं। इन्हीं समस्याओं को लेकर सोमवार को समाजवादी पार्टी का कलेक्ट्रेट परिसर में हल्ला बोल प्रदर्शन हुआ। सड़क पर उतर कर सपाइयों ने पैदल मार्च किया। इस दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो नोकझोंक भी हुई।
कलेक्ट्रेट गेट से शुरू हुई खींचतान के बीच सपाइयों का हुजूम डीएम दफ्तर के सामने पहुंचने के बाद धरने पर बैठ गया। जिलाधिकारी को संबोधित 11 सूत्री ज्ञापन सौंपा गया। सुपर मार्केट स्थित सपा कार्यालय में पदाधिकारी और कार्यकर्ता जुटे, फिर कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च किया। इस दौरान जनसमस्याओं को लेकर आवाज बुलंद करने के साथ प्रदेश सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की गई।
रास्ते में कई जगह पुलिस ने सपाइयों को रोकने की कोशिश की, लेकिन सपाई कलेक्ट्रेट गेट तक पहुंच गए। पुलिस ने फिर से सपाइयों को डीएम दफ्तर तक जाने से रोका, जिससे काफी नोकझोंक और खींचतान हुई। सपा कार्यकर्ता बैरिकेडिंग का घेरा तोड़कर आगे बढ़ गए। धरने के दौरान सपा जिलाध्यक्ष इं. वीरेंद्र यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार किसान विरोधी है। रबी की बोआई का समय चल रहा है। डीएपी और यूरिया खाद गायब है। खाद, बीज, पानी आदि मांगने के लिए उठने वाली आवाज को पुलिस की लाठी से दबाया जा रहा है।
बछरावां विधायक श्याम सुंदर भारती ने कहा कि किसानों की खतौनी के अंश निर्धारण के नाम पर राजस्व कर्मी अनियमितता कर रहे हैं। हरचंदपुर विधायक राहुल लोधी ने कहा कि किसानों को बिना कटौती बिजली मिलनी चाहिए। नहरों में टेल तक पानी पहुंचाने और बंद नलकूप चलवाने चाहिए।
सेंट्रल बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष ओपी यादव ने कहा कि पुलिस निरंकुश हो गई है। दिव्यावर सिंह, उमाशंकर चौधरी, नीलेश यादव, राजेश मौर्य, मुकेश रस्तोगी ने अधूरी रिंग रोड, बदहाल सड़कों का मुद्दा उठाया। सौरभ सिंह यादव, मोहसिन, सुरेश पटेल, सुरजीत सिंह, मिश्रीलाल, हसीन अहमद ने भी विचार व्यक्त किए। इस मौके पर जितेंद्र सिंह, शिवबक्श यादव, मुशीर अहमद, जगदेव यादव, राजीव गौतम आदि मौजूद रहे।