रायबरेली में डीफार्मा छात्र आदित्य प्रताप सिंह की हत्या के मामले में मंगलवार अचानक कार्रवाई तेज हो गई। एक ओर जहां लापरवाही बरतने के आरोप में अपर पुलिस अधीक्षक शशि शेखर सिंह का तबादला हो गया। वहीं दो मुख्य आरक्षियों समेत चार पुलिस कर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया।
यही नहीं पुलिस अधीक्षक ने मामले की विभागीय जांच सीओ डलमऊ आरपी शाही को सौंपी है। पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई हुई तो पुलिस भी एक्शन में आई और देर रात हत्याकांड के मुख्य आरोपी अर्कित यादव को धरदबोचा।
माना जा रहा है कि यह यह पूरी कार्रवाई मामले में सीएम की सख्ती के बाद हुई है।
सोमवार को आदित्य के परिवारीजनों ने सीएम योगी से मुलाकात कर मामले में जल्द कार्रवाई की मांग की थी। आदित्य के पिता प्रदीप सिंह ने मुख्यमंत्री को बताया था कि कुछ सफेदपोश नेता मामले को दबाने की कोशिश कर रहे हैं। सीएम ने मामले में सख्त कार्रवाई करने का भरोसा पीड़ित परिवार को दिया था।
महराजगंज कोतवाली क्षेत्र के सिकंदरपुर गांव निवासी छात्र आदित्य प्रताप सिंह की नौ अक्तूबर को मिल एरिया थाने के रतापुर स्थित सोमू ढाबा में हत्या कर दी गई थी। उसका शव हरचंदपुर थाना क्षेत्र के गढ़ी खास गांव के पास महराजगंज रोड पर मिला था। इस मामले में पुलिस सोमू ढाबा के मालिक सुरेश यादव समेत 12 हमलावरों को पहले ही जेल भेज चुकी है।