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महाशिवरात्रि: अलग-अलग जिलों के मंदिरों में लगीं भक्तों की कतारें, हर-हर महादेव के उद्घोष से गूंजे शिवालय

Wed, 26 Feb 2025 03:07 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

Mahashivratri 2025: महाशिवरात्रि का त्योहार सुबह से मनाया जा रहा है। शिव मंदिरों में भोर से ही भक्तों की कतारें लगी हुई हैं। 
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महाशिवरात्रि पर लगीं भक्तों की कतारें। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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महाशिवरात्रि का पर्व धूम-धाम से मनाया जा रहा है। सुबह भोर से ही मंदिरों के बाहर लंबी कतारें लगी हुई हैं। लखनऊ सहित आसपास के जिलों के प्रसिद्व शिव मंदिरों में भोर से भक्तों की कतारें लग गईं। 

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लखनऊ, बाराबंकी, रायरबेली, गोंडा, बहराइच, अयोध्या के शिव मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की कतारें लग गईं। अयोध्या में आज रिकॉर्ड लोगों के आने की संभावना है। आज से महाकुंभ खत्म हो रहा है। उम्मीद की जा रही है कि महाकुंभ से लौटी भीड़ अयोध्या पहुंच सकती है। एक अनुमान के मुताबिक आज दस लाख से अधिक लोग अयोध्या आ सकते हैं।


 
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कमल पुष्पों से हुआ बाबा का श्रृंगार

बाराबंकी के औसानेश्वर महादेव मंदिर में सजावट के साथ ही गोमती नदी से मंदिर तक बेरीकेडिंग की गई है। भक्तों द्वारा कमल पुष्पों से शृंगार हुआ। पुजारी संजय गिरि ने बताया कि मंदिर के पट भक्तों के लिए रात एक बजे से खोल दिए गए। कुंतेश्वर महादेव मंंदिर में मंगलवार से ओम नम: शिवाय जप निरंतर चल रहा है। शिवरात्रि पर भंडारे में फलाहार वितरण किया जाएगा। सिद्धौर के सिद्धेश्वर महादेव मंदिर को फूलों व रंग बिरंगी लाइट से सजाया गया। पुजारी अनिल पुरी महाराज ने बताया कि शिव बरात निकाली जाएगी। सतोखर तालाब स्थित सिद्धेश्वर, मत्थेश्वर महादेव मंदिर, रामसनेहीघाट के बुढ़वा बाबा मंदिर समेत सभी शिवालयों को सजाया गया है।

पूजा का सर्वोत्तम मुहूर्त
बुधवार सुबह 11:08 से बृहस्पतिवार सुबह 8:54 बजे तक पूजा का शुभ मुहूर्त है। पं. शिव बहादुर मिश्रा ने बताया कि निशीथ काल पूजा का समय रात 11:54 से 12:44 बजे तक है। महाशिवरात्रि पर ब्रह्म मुहूर्त की पूजा का समय सुबह 5:16 से 6:04 बजे तक है। रात के पूजन में शिवयोग का बहुत महत्व होता है। यह रात्रि 11:41 बजे तक रहेगा। उसके बाद सिद्ध योग रहेगा। अमृत काल मुहूर्त सुबह 6:02 से 7:31 बजे तक रहेगा।

रायबरेली के मंदिरों में लगीं कतारें 

मंगलवार को शिव मंदिरों में सुबह से ही तैयारियों का सिलसिला शुरू हो गया। मंदिरों की देखरेख करने वाले पुजारी व सेवादार पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ तैयारियों में जुट गए हैं। मंगलवार को शहर के जगमोहनेश्वर, पहलवानवीर बाबा व जेल रोड स्थित सर्वेश्वर महादेव मंदिर की साफ-सफाई की गई, उसके बाद उन्हें फूलों व आकर्षक झालरों से सजाया गया। बुधवार की सुबह से ही भक्तों की कतारें मंदिरों के बाहर लगनी शुरू हो गईं। 

कोटेश्वर मंदिर के प्रति भक्तों का है अटूट विश्वास
सतांव में कोटेश्वर मंदिर का इतिहास सैकड़ों साल पुराना है। इस मंदिर में तीन शिवलिंग हैं। क्षेत्र में यह मंदिर शिव धाम के नाम से जाना जाता है। कोटेश्वर मंदिर में दूर-दराज से आने वाले भक्तों की अगाध आस्था व अटूट विश्वास का है। लोगों का कहना है कि देवालय में विराजमान तीन शिवलिंगों के दर्शन मात्र से भगवान आशुतोष प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामना पूरी कर करते हैं। महाशिवरात्रि पर्व को देखते हुए मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है।

महाशिवरात्रि आज, रामनगरी में उमड़ा श्रद्धालुओं का रेला

 हर हर महादेव... के उद्घोष के साथ बुधवार को रामनगरी में महाशिवरात्रि का उल्लास बिखरेगा। इसके लिए शिवालयों को भव्यता प्रदान की गई है। आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में शिवभक्त अयोध्या पहुंचकर शिव मंदिरों में भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक, पूजन-अर्चन कर अपनी आस्था अर्पित करेंगे। मंगलवार को रामनगरी में भक्तों का रेला उमड़ पड़ा है। महाशिवरात्रि पर 15 लाख श्रद्धालुओं के उमड़ने की संभावना है। वहीं भोले बाबा को मंगलवार को हल्दी लगाई गई, बुधवार को भव्य बरात निकलेगी।

मंगलवार को करीब आठ लाख श्रद्धालुओं दर्शन पूजन किया। राम मंदिर में दर्शन के लिए भक्तों की कतार लगी रही। सुबह पांच बजे से ही मंदिर में दर्शन शुरु हो गया। करीब तीन लाख लोगों ने रामलला के दरबार में हाजिरी लगाई। हनुमानगढ़ी में श्रद्धालुओं की डेढ़ किलोमीटर लंबी लाइन लगी रही।

महाशिवरात्रि पर राम की पैड़ी पर स्थित प्राचीन नागेश्वरनाथ मंदिर सुबह तीन बजे से ही खोल दिया जाएगा। मंदिर के व्यवस्थापक सभापति तिवारी ने बताया कि मंगलवार को भोलेनाथ का भव्य श्रृंगार किया गया। विवाह के अन्य लोकाचार पूरे किए गए। बुधवार रात मंदिर से भव्य शिव बरात निकलेगी। इस बरात का क्षीरेश्वरनाथ मंदिर पर स्वागत किया जाएगा। रात में भगवान भोलेनाथ का धूमधाम से विवाह होगा।

वहीं मंगलवार को भीड़ बढ़ी तो बंदिशें पहले की तरह कर दी गई। जो कट सोमवार को खोले गए थे मंगलवार को उन्हें फिर बंद कर दिया गया। रामपथ को पूरी तरीके से सील कर दिया गया है। राम पथ पर श्रद्धालुओं के अलावा किसी को आने जाने की अनुमति नहीं है। अयोध्या धाम में चार पहिया वाहनों का प्रवेश पूरी तरीके से प्रतिबंधित कर दिया गया है। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, सीसीटीवी व ड्रोन कैमरा से मेला क्षेत्र की निगरानी की जा रही है। कपिलगंज बाजार भी मंगलवार को फिर बंद हो गई। इस तरफ जाने वाले मार्ग पर फिर बैरिकेडिंग कर दी गई है।

नागेश्वरनाथ मंदिर में जलाभिषेक करने व रामलला के दर्शन के लिए पहुंचने वाली श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के मद्देनजर जिला प्रशासन ने शिव बरात में भीड़ कम करने के लिए मंदिर के प्रबंधकों को राजी कर लिया है। सीओ आशुतोष तिवारी के मुताबिक मंदिर के प्रबंध तंत्र से बातचीत हुई है। तय किया गया है कि शिव बरात रात को देर से उस समय निकली लाए, जब रामपथ पर भीड़ का दबाव कम रहे। साथ ही शिव बरात के लौटते समय इसके रूट को शॉर्ट किए जाने की बात तय हुई।

अमेठी के शिव मंदिरों में भारी भीड़ 

अमेठी के मंदिरों में भीड़। - फोटो : अमर उजाला।
 महाशिवरात्रि पर्व पर जिले के सभी शिवालयों पर आस्था का जनसैलाब उमड़ा दिखाई पड़ा। बुधवार भोर से ही भक्तों की कतार लग गई थी। शिवालयों में हर-हर महादेव के जयकारों की गूंज रही। भक्तों ने माथे पर भस्म और त्रिपुंड तिलक लगाकर शिवभक्ति में लीन रहे। जगह-जगह अखंड ऊं नमः शिवाय जाप, रामचरित मानस पाठ, भंडारे एवं फलाहार वितरण दिनभर चलता रहा।

श्रीमाधव नगर स्थित महादेवन मंदिर में लगे मेले से परिसर गुलजार रहा। गौरीगंज के राधीपुर स्थित महामृत्युंजय धाम, दूधनाथ धाम, राजगढ़ स्थित बाचा झारखंडेश्वर धाम, सेल कैंपस स्थित आनंदेश्वर शिव मंदिर, संजय गांधी पॉलिटेक्निक जगदीशपुर स्थित शिव मंदिर, सत्तेस्वर शिव मंदिर में भोर से ही जलाभिषेक के लिए भक्तों की लंबी कतार दिखाई पड़ी। मुसाफिरखाना के गोमती नदी में स्नान कर दंडेश्वरधाम में श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक कर पूजन किया।

शिवभक्तों से बमबम हुई रामनगरी 

अयोध्या में उमड़ी भक्तों की भीड़। - फोटो : अमर उजाला।
महाशिवरात्रि के पर्व पर बुधवार को रामनगरी में यह दृश्य आस्था का चरम प्रदर्शित कर रहा था। रामधुन में लीन रहने वाली अयोध्या पूरी तरह से शिवमय नजर आई।  भोलेबाबा की भक्ति को उमड़े श्रद्धालुओं ने रामलला के दरवार में भी हाजिरी लगाई।

सर्वार्थ सिद्धि व त्रिग्रही योग के दुर्लभसंयोग में रामनगरी ब्रह्म मुहर्त से ही बम बम करने लगी थी। महा शिवरात्रि की पावन बेला में पौ फटने के पूर्व ही श्रद्धालु शिवमंदिरों की ओर उन्मुख हुए। अधिकतर ने भोले के मंदिर पर दस्तक देने से पूर्व पुण्य सलिला सरयू में स्नान किया। इसी के साथ ही आस्था का प्रवाह शिवमंदिरों की ओर निकल पड़ा। वाहन प्रतिबंधित होने के कारण आराध्य की चौखट तक पहुंचने में श्रद्धालुओं को तीन से चार किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ा। जैसे ही श्रद्धालु भोलेबाबा की चौखट पर पहुंचे और उनके कानों में हर-हर महादेव की गूंज पहुंची तो उनकी सारी थकान दूर होती नजर आई। नागेश्वर नाथ व छीरेश्वर नाथमें श्रद्धालुओ का रेला उमड़ पड़ा है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

रायबरेली: महाशिवरात्रि पर भक्तों का उमड़ा श्रद्धा का ज्वार

- फोटो : amar ujala
महाशिवरात्रि पर भक्त मंदिरों में भोलेनाथ के दर्शन के लिए आतुर दिखे। जिले के शिवालयों में श्रद्धा का ज्वार उमड़ पड़ा। हर-हर महादेव के जयकारे के साथ देवाधिदेव के सामने हाजिरी लगाई गई। शिवालयों में लाखों की संख्या में भक्तों ने भगवान शंकर के प्राचीन शिवलिंगों पर जलाभिषेक किया। जिले में शहर हो या गांव हर जगह शिवरात्रि को लेकर शिवभक्तों में उत्साह दिखा। देवालयों को आकर्षक झालरों से सजाया गया है। मंदिरों पर साज-सज्जा के अलावा धार्मिक कार्यक्रमों के इंतजाम किए गए।  शहर के जगमोहनेश्वर, पहलवानवीर बाबा व जेल रोड़ स्थित सर्वेश्वर मंदिर में सुबह से भी भक्तों की भीड़ रही। इसी तरह बछरावां, ऊंचाहार, लालगंज, सलोन में भी भक्तों ने भीड़ दिखी।

बाराबंकी: श्री लोधेश्वर महादेवा में महाशिवरात्रि पर उमड़ा आस्था का जनसैलाब

barabanki - फोटो : amar ujala
महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर श्री लोधेश्वर महादेवा मंदिर में भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। जैसे ही मंदिर के कपाट रात 12:00 बजे खुले, पूरा क्षेत्र "हर हर महादेव" और "बम बम भोले" के जयकारों से गूंज उठा।

हजारों की संख्या में श्रद्धालु और कांवरिये हाथों में गंगाजल लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। लंबी कतारों में खड़े होने के बावजूद उनकी आस्था और ऊर्जा बनी रही। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन मुस्तैद दिखा। एटीएस और सीआरपीएफ के जवान तैनात किए गए, जो कांवरियों को व्यवस्थित रूप से दर्शन कराने में सहयोग कर रहे थे।

गर्भगृह में श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो, इसे सुनिश्चित करने के लिए सीओ जगत कनौजिया स्वयं व्यवस्था संभालते नजर आए। दर्शन और जलाभिषेक के बाद श्रद्धालुओं को सुचारू रूप से बाहर निकाला जा रहा था, ताकि मंदिर परिसर में भीड़ नियंत्रण में रहे।

मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन द्वारा सुरक्षा और सुविधाओं के व्यापक इंतजाम किए गए थे, जिससे भक्तों को निर्बाध रूप से पूजा-अर्चना का सौभाग्य प्राप्त हो सके।

Ambedkar nagar: हर हर महादेव के जयकारों से गूंज उठे शिवालय, धूमधाम से मनाया जा रहा पर्व

- फोटो : amar ujala
महाशिवरात्रि के पर्व जिले भर में धूमधाम से मनाया जा रहा है। शिवालयों में भोर से ही श्रद्धालु जलाभिषेक और रुद्राभिषेक कर रहे हैं। शिव बाबा धाम में हजारों की संख्या में लोग दर्शन पूजन करने पहुंचे हैं। वहीं, टांडा के झारखंडी महादेव मंदिर में आस्था का सैलाब उमड़ा है।

मंदिर के बाहर कतार में लगे श्रद्धालु हर हर महादेव के जयकारे लगा रहे हैं जिससे पूरा माहौल शिवमय हो गया है। सरयू नदी के घाटों पर बड़ी संख्या में लोगों ने स्नान पूजन किया। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतेज़ाम किए गए हैं।

Balrampur: झारखंडी महादेव में दर्शन कर परिवार की खुशहाली के लिए मांगा आशीर्वाद

- फोटो : amar ujala
नगर के प्राचीन झारखंडी मंदिर में महाशिवरात्रि के अवसर पर भगवान भोलेनाथ को जलाभिषेक करने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी। श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक कर भगवान शिव से परिवार की खुशहाली के लिए आशीर्वाद मांगा। झारखंडी मंदिर के महंत विनय गिरी और सोनू गिरी ने बताया कि रेलवे लाइन की खुदाई के दौरान यहां पर शिवलिंग प्राप्त हुआ था झाड़ झंकार के बीच शिवलिंग मिलने के कारण बलरामपुर राज परिवार द्वारा यहां झारखंडी महादेव मंदिर का निर्माण करीब 200 वर्ष पूर्व कराया गया था। ऐसी मान्यता है कि जो भी भक्त सच्चे मन से यहां भगवान शिव की पूजा अर्चना करता है उसकी सभी मनोकामना पूर्ण होती है।
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बाराबंकी: श्री लोधेश्वर महादेवा में महाशिवरात्रि पर उमड़ा आस्था का जनसैलाब

- फोटो : amar ujala
महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर श्री लोधेश्वर महादेवा मंदिर में भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। जैसे ही मंदिर के कपाट रात 12:00 बजे खुले, पूरा क्षेत्र "हर हर महादेव" और "बम बम भोले" के जयकारों से गूंज उठा।

हजारों की संख्या में श्रद्धालु और कांवरिये हाथों में गंगाजल लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। लंबी कतारों में खड़े होने के बावजूद उनकी आस्था और ऊर्जा बनी रही। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन मुस्तैद दिखा। एटीएस और सीआरपीएफ के जवान तैनात किए गए, जो कांवरियों को व्यवस्थित रूप से दर्शन कराने में सहयोग कर रहे थे।

गर्भगृह में श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो, इसे सुनिश्चित करने के लिए सीओ जगत कनौजिया स्वयं व्यवस्था संभालते नजर आए। दर्शन और जलाभिषेक के बाद श्रद्धालुओं को सुचारू रूप से बाहर निकाला जा रहा था, ताकि मंदिर परिसर में भीड़ नियंत्रण में रहे।

मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन द्वारा सुरक्षा और सुविधाओं के व्यापक इंतजाम किए गए थे, जिससे भक्तों को निर्बाध रूप से पूजा-अर्चना का सौभाग्य प्राप्त हो सके।
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