लखनऊ। आदियोगी भगवान शिव को सृष्टि की उत्पत्ति, स्थिति और संहार का अधिपति माना जाता है। उनकी आराधना का सबसे प्रमुख पर्व महाशिवरात्रि बुधवार को लखन नगरी में धूमधाम से मनाया गया। शिवालयों में दर्शन-पूजन के लिए भोर से ही लंबी कतारें लग गईं।
ओम नम: शिवाय और हर हर महादेव... के जयघोष के बीच रुद्राभिषेक, भस्म आरती, भजन, भंडारे के आयोजन देर शाम तक चलते रहे। इस दौरान शहर में निकली शिव बरात में भूत-पिशाच, देव-असुर और नर-नारी सभी नाचते-झूमते पहुंचे। कल्याणगिरि मंदिर ठाकुरगंज से निकली शिव बरात बालागंज और चौक से होते हुए शाम को वापस मंदिर पहुंची। इस दौरान जगह-जगह व्यापारियों, संगठनों और आमजन ने बरात का स्वागत व पूजन-अर्चन किया। हजारों की तादाद में बराती बने भक्तों का उत्साह देखने लायक था। युवा और बच्चों ने शिव भजनों और गीतों पर जमकर नृत्य किया।
इसके अलावा राजधानी में शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक के शिवालयों में भक्तों का रेला उमड़ा। धतूरा, भांग, दूध, दही, शहद, गंगाजल से भक्तों ने भोले का अभिषेक किया।
सर्वोदयनगर स्थित नील कंठेश्वर महादेव मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए शिवभक्तों की लंबी कतार दिखी। महिलाओं ने भगवान शिव की बरात निकाली। मंदिर के महंत आचार्य नीरज शुक्ला व मुख्य कर्ताधर्ता पंडित अमरेश शुक्ला समेत अन्य भक्त मौजूद रहे।