महाकुंभ में एक तरफ जहां विभिन्न देशों व प्रदेशों के लोगों का संगम होगा वहीं यहां पर संस्कृतियों का भी संगम होगा। प्रदेश सरकार महाकुंभ में गायन, वादन, नृत्य समेत हर विधा के कलाकारों को मंच मुहैया कराएगा। इसमें कुमार विश्वास, विष्णु सक्सेना, मनोज मुंतशिर, अशोक चक्रधर आदि श्रद्धालुओं को अपनी कविताओं से सराबोर करेंगे।
संस्कृति विभाग की ओर से महाकुंभ में 10 जनवरी से 24 फरवरी तक देश के नामचीन कवियों का काव्यपाठ कराया जाएगा। इस दौरान श्रद्धालु, पर्यटक व कल्पवासी वीर रस, श्रृंगार रस, हास्य रस, करुण रस, भक्ति रस आदि की कविताओं का आनंद लेंगे। कवि सम्मेलन में उक्त के साथ ही बुद्धिनाथ मिश्र, हरिओम पंवार, शैलेष लोढ़ा, विनीत चौहान, अनामिका अंबर, गजेंद्र सोलंकी, दिनेश रघुवंशी सुनील आदि कवि काव्यपाठ करेंगे।
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संस्कृति निदेशालय की ओर से 10 जनवरी से कवि सम्मेलन शुरू किया जाएगा। इसमें स्थानीय कवियों को भी अंतरराष्ट्रीय मंच उपलब्ध कराया जाएगा। पहले दिन ही वाराणसी के अनिल चौबे, प्रयागराज के श्लेष गौतम, रायबरेली के अभिजीत मिश्रा, आजमगढ़ के भालचंद्र त्रिपाठी, सोनभद्र की विभा सिंह का काव्यपाठ होगा। इसी क्रम में अशोक चंक्रधर व विष्णु सक्सेना का काव्य पाठ 18 जनवरी को होगा। 19 को कवयित्री अनामिका अंबर, सुरेंद्र दुबे, गजेंद्र सोलंकी काव्य पाठ करेंगे।
इसी तरह मां पर कविताओं के जरिए अपनी पहचान बनाने वाले फऱीदाबाद के दिनेश रघुवंशी का काव्य पाठ 8 फरवरी और 22 फरवरी को कुमार विश्वास का काव्य पाठ प्रस्तावित है। तारक मेहता के किरदार के रूप में घर-घर में चर्चित शैलेष लोढ़ा भी महाकुंभ में अपनी कविताओं की छाप छोड़ेंगे। मनोज मुंतशिर, दिनेश दिग्गज आदि कलाकारों की कविताओं का भी काव्य पाठ श्रोताओं को अभिभूत करेगा।