लखनऊ। शरद पूर्णिमा पर सोमवार की शाम अचानक घिर आए बादलों के साथ चांद की लुकाछिपी चल रही थी और तभी झूलेलाल वाटिका के गोमती तट पर सैकड़ों दीप झिलमिला उठे। मृदंग, मंजीरा, ढोल, तासे, शंख की ध्वनि से पूरा प्रांगण गूंजने लगा और मंगलाचरण, स्वस्तिवाचन व पुष्पांजलि के साथ सात भव्य मंचों से गोमती महाआरती शुरू हुई। बड़ी संख्या में मौजूद श्रद्धालु इस अद्भुत आयोजन के साक्षी बने।
सनातन महासभा की ओर से शरद पूर्णिमा पर सनातन समागम और 143वीं गोमती महाआरती का आयोजन स्वामी आनंद नारायण, स्वामी वीरेंद्र सरकार, महामंडलेश्वर आनंद गिरी और पूर्व आईएएस आशा सिंह के सानिध्य में किया गया। महाआरती के पूर्व शरद पूर्णिमा पर नशा मुक्त प्रदेश को लेकर प्रदेश के मद्यनिषेध विभाग की ओर से रवि चौहान के निर्देशन में नुक्कड़ नाटक का मंचन किया गया। एसएसएस फाउंडेशन के अरुण कुमार, शुभम गौतम, जारा हयात, अंकिता के नेतृत्व में भरतनाट्यम की सामूहिक नृत्य प्रस्तुति हुई। महिलाओं ने करवाचौथ भारतीय परिधान प्रतियोगिता में भाग लिया और पुरस्कार भी जीते।
सनातन गौरव सम्मान से नवाजी गईं विभूतियां
महासभा के अध्यक्ष डॉ. प्रवीण व प्रवक्ता विकास मिश्र ने बताया कि 501 दीप प्रज्ज्वलित किए गए। श्रद्धालुओं को खीर का प्रसाद दिया गया। 11 सनातन पदाधिकारियों व सदस्यों को गंगाजल, कृपाण व तलवार देकर धर्म विस्तार हेतु संकल्पित कराया गया। लखनऊ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रमेश तिवारी के साथ समाजसेवी सीमा मिश्रा, वर्षा सिन्हा, अरुण कुमार को सनातन गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया। प्रदेश अध्यक्ष रवि कचरू, सुधांशु शुक्ल, तेजस्वी गिरी, पल्लवी सिंह, अंजनी पांडेय आदि मौजूद रहे।
शरद पूर्णिमा पर महाआरती, दीपों से जगमगाया गोमती तट
शरद पूर्णिमा पर महाआरती, दीपों से जगमगाया गोमती तट
शरद पूर्णिमा पर महाआरती, दीपों से जगमगाया गोमती तट
शरद पूर्णिमा पर महाआरती, दीपों से जगमगाया गोमती तट