लखनऊ। न्यू हैदराबाद निवासी मदरसे के सहायक शिक्षक नूर अहमद पर फर्जी दस्तावेज के आधार पर नौकरी पाने और पासपोर्ट बनवाने का आरोप है। एक अधिवक्ता की शिकायत पर महानगर थाने में धोखाधड़ी व जालसाजी की एफआईआर दर्ज की गई है।
शिकायतकर्ता अधिवक्ता एके तिवारी ने मुख्यमंत्री दफ्तर में नूर अहमद के खिलाफ शिकायत की थी। उनका आरोप है कि नूर अहमद ने मदरसा शिक्षा परिषद में नौकरी के दौरान अपनी जन्मतिथि 10 नवंबर 1983 दर्ज कराई। वहीं, उनके पासपोर्ट में जन्मतिथि 14 मई 1976 अंकित है। शिकायतकर्ता के अनुसार, दोनों दस्तावेज में अलग-अलग जन्मतिथि दर्ज होना गंभीर अनियमितता है। यह धोखाधड़ी की श्रेणी में आता है। शिकायत में कहा गया है कि नूर अहमद का पासपोर्ट 1998 में लखनऊ पासपोर्ट कार्यालय से जारी हुआ था। बाद में इसका नवीनीकरण पोर्ट लुईस से कराया गया। आरोप है कि वास्तविक जन्मतिथि छिपाकर पासपोर्ट बनवाया गया और उसी दौरान मदरसे में नियुक्ति भी हासिल की गई।
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि उनकी शिकायत पर निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई। जांच अधिकारी ने उनसे संपर्क नहीं किया और न ही साक्ष्य मांगे। एक पक्षीय रिपोर्ट लगाकर शिकायत का निस्तारण कर दिया गया। इंस्पेक्टर महानगर अखिलेश कुमार मिश्र ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। पता चला है कि आरोपी नूर अहमद कुछ समय पहले तक बड़ा चांदगंज अलीगंज स्थित मदरसे में नौकरी करता था।