लखनऊ। मदरसा शिक्षा परिषद की मिनी आईटीआई के शिक्षकों और कर्मचारियों को बीते पांच महीने से वेतन नहीं मिल रहा है। मदरसाज मिनी आईटीआई स्टाफ वेलफेयर एसोसिएशन की महासचिव सूफिया बानों का आरोप है कि मानकों की जांच के बहाने अल्पसंख्यक कल्याण निदेशक अंकित अग्रवाल ने बजट रोक दिया है। ऐसे में वेतन के साथ छ महीनों का एरियर भी बकाया हो चुका है। इसकी वजह से शिक्षक, लिपिक और चपरासी के पद कार्य कर रहे 510 कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला है।
अमेठी के मदरसा दारुल उलूम गौसिया तेगिया में मुख्य अनुदेशक मोतीउल्लाह ने बताया कि वेतन का भुगतान न होने से परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है। मंगलवार को वेतन के भुगतान के लिए निदेशक को पत्र सौंपा गया है। इस दौरान जांच के नाम जिलों में किए जा रहे उत्पीड़न पर नाराजगी जताई और बजट जारी कर वेतन का भुगतान करने की मांग की। बता दें कि मदरसा बोर्ड की मदरसा मिनी आईटीआई प्रदेश के 121 मदरसों में मदरसा वोकेशनल ट्रेनिंग कोर्स संचालित करता है। (संवाद)