पहले की सरकारें मदरसों का उपयोग शिक्षा के लिए कम राजनीति के लिए ज्यादा करती थीं। मदरसे सिर्फ तुष्टीकरण के लिए इस्तेमाल होते थे। जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चाहते हैं कि मदरसों में दी जाने शिक्षा को भी रोजगारपरक बनाया जाए।
इसी को ध्यान में रखते हुए मदरसा पोर्टल madarsa board.upsdc.gov.in लॉन्च किया जा रहा है। यह कहना है अल्पसंख्यक कल्याण एवं मुस्लिम वक्फ मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी का। उन्होंने कहा कि मदरसा पोर्टल लॉन्च होने से इनके क्रियाकलापों में पारदर्शिता आएगी।
सचिवालय के तिलक हॉल में मदरसा पोर्टल लॉन्च करने के बाद अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ने पत्रकारों से कहा कि प्रदेश में सरकार बदलने के बाद से ही शिकायत मिल रही थी कि मदरसा शिक्षकों व कर्मचारियों का शोषण होता है।
फर्जीवाड़े व धांधली की भी शिकायतें थीं। यह भी कहा जा रहा था कि यहां फर्जी तरीके से कई नियुक्तियां की गईं। जिनका कोई रिकॉर्ड नहीं है, कहीं-कहीं तो 80-80 साल के शिक्षक पढ़ा रहे हैं। इन्हीं खामियों को दूर करने के लिए सरकार ने पोर्टल लॉन्च किया है।
अब मदरसों के सभी काम ऑनलाइन हो जाएंगे और पारदर्शी व्यवस्था की शुरूआत होगी। इस मौके पर विभाग की प्रमुख सचिव मोनिका एस गर्ग ने बताया कि मान्यता व अनुदान के साथ ही अब मदरसा शिक्षा परिषद की 2018 में होने वाली परीक्षा भी पोर्टल से ही सम्पन्न होगी।