चंद्र ग्रहण 2025 सूतक काल
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आचार्य प्रवीण ने बताया कि सात सितंबर 2025 का पूर्ण चंद्र ग्रहण केवल ज्योतिषीय दृष्टि से नहीं, बल्कि खगोल और सामाजिक क्षेत्र में भी विश्वव्यापी प्रभाव डालेगा। यह ग्रहण एशिया, यूरोप, अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका के कई हिस्सों से देखा जा सकेगा। खगोलविद इसे “ब्लड मून” भी कहते हैं। राहु-चंद्र की युति के कारण कई देशों में राजनीतिक अस्थिरता, अविश्वास और नेतृत्व संकट देखने को मिल सकता है।
अंतरराष्ट्रीय संबंधों में अचानक तनाव या विवाद की संभावना बन सकती है। चंद्र ग्रहण जल तत्व से जुड़ा माना जाता है। इसलिए समुद्री तूफान, बाढ़ और भारी वर्षा की संभावना अधिक रहती है। भूकंप जैसी भू-परिवर्तनकारी घटनाएं भी घट सकती हैं।