लखनऊ जू सूबे का ऐसा पहला चिड़ियाघर बनने जा रहा है जहां ब्रीडिंग सेंटर
की सुविधाएं होंगी।
राज्य पशु बारासिंगा के लिए ब्रीडिंग सेंटर बनाने की
तैयारी है। इसके बनने के बाद 6 से 8 महीनों में यहां नियंत्रित तरीके से
बारासिंगा का प्रजनन कराने की सुविधा शुरू हो जाएगी।
जल्द ही बारासिंगा
प्रजनन केंद्र का प्रस्ताव बनाकर सेंट्रल जू अथारिटी (सीजेडए) को भेजा
जाएगा। वहां से पास होने के बाद गर्मियों में इस केंद्र में प्रजनन शुरू हो
जाएंगे।
इसके लिए जू में प्रजनन केंद्र के
तीन-चार सेक्शन बनाए जाएंगे और उनकी मदद से डिफरेंट ब्लड लाइन की पीढ़ी
तैयार की जाएगी। यही नहीं, कानपुर और लखनऊ जू के बाड़ों में क्षमता से अधिक
रह रहे डियर प्रजाति के वन्यजीवों को संरक्षित वनों में भेजा जाएगा। यह
पहली बार होगा।
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पहले चरण में लखनऊ जू से 25 चीतल और 25 स्वैंप डियर भेजने की तैयारी है। चीतल के लिए सीजेडए से अनुमति भी मिल चुकी है।
सितंबर 2011 में हुई बैठक के दो साल बाद मंगलवार को प्राणि उद्यान परिसर
में राज्य स्तरीय वन्यजीव स्वास्थ्य परामर्शदात्री समिति की बैठक में
विशेषज्ञों ने नौ बिंदुओं पर विचार किया।
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दोनों प्राणि उद्यानों
मेंवन्यजीवों के भोजन और स्वास्थ्य जांच के लिए सेंट्रल लैब से नियमित जांच
कराने पर सहमति बनी। इसके अलावा चिकित्सकों-विशेषज्ञों का बोर्ड,
वन्यजीवों के संपर्क में आने वाले स्टाफ के रूटीन चेकअप, इनब्रीडिंग रोकने,
नए वन्यजीव जुटाने और प्राणि उद्यानों में देखरेख के लिए राज्य स्तरीय
उपसमिति बनाने पर चर्चा हुई।
लॉयन सफारी केशेरों के स्वास्थ्य को लेकर
विशेष चर्चा हुई। निदेशक अनुपम गुप्ता ने बताया कि परामर्शदात्री समिति की
बैठक कानपुर प्राणि उद्यान में दिसंबर के दूसरे पखवाड़े में होगी।
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