कृष्णानगर के मानसनगर स्थित गोल खिड़की निवासी राघवेंद्र उर्फ चिंटू (30) ने फांसी लगाकर जान दे दी। वहीं इटौंजा के तारनपुर में 60 साल की बुजुर्ग लक्ष्मी ने फांसी लगाकर जान दे दी। उधर, बीबीडी इलाके में संजू (30) ने ट्रेन के सामने कूदकर जान दे दी। पुलिस ने तीनों मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
प्रभारी निरीक्षक कृष्णानगर आलोक राय के मुताबिक मानस नगर स्थित गोल खिड़की में रहने वाले राघवेन्द्र उर्फ चिंटू ने बुधवार देर रात घर में लगे पंखे के हुक में दुपट्टे के सहारे फांसी लगा ली । काफी देर तक उसकेन दिखने पर परिवारीजनों ने कमरे में झांक कर देखा तो फंदे से लटकता देख। परिवारीजनों ने कमरे का दरवाजा तोड़कर नीचे उतारा। आननफानन लोकबंधु अस्पताल लेकर गये। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं से पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया । मृतक के परिजनों के मुताबिक मृतक सीट कवर बनाने का कारीगर था। परिवार में पत्नी काजल है। घर में आये दिन होने वाली घरेलू कलह से परेशान मृतक ने फांसी लगा ली।
वहीं, इटौंजा के तारनपुर की रहने वाली लक्ष्मी ने बुधवार देर शाम अपने कमरे में रस्सी के सहारे फांसी लगा ली। पति मदनलाल के देखने पर परिवारीजनों को जानकारी हुई। पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं पुलिस खुदकुशी के कारण का पता लगा रही है।
महिला ट्रेन के सामने कूदी, मौत
बीबीडी इलाके में तारा का पुरवा निवासी राम सुचित यादव की बेटी संजू ने ट्रेन के सामने कूदकर जान दे दी। परिजनों के मुताबिक वह विवाहिता थी। उसकी तीन साल से मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। इलाज चल रहा है। पति शिवकुमार व दोनों बच्चों के साथ पास के तड़पुरवा में रहकर राजगीर मिस्त्री का काम करता है। पिता राम सुचित ने बताया कि मानसिक इलाज के चलते वह लोग उसको अपने साथ ही सुलाते थे वह घर में वह बाहर न चली जाए। दरवाजे पर अक्सर ताला भी बंद रखते थे । बुधवार देर रात वह घर में बगैर बताए चली गई। घर के पास ही बने रेलवे ट्रैक के सामने आती ट्रेन के आगे कूद गई। सुबह तड़के घरवालों को सूचना मिलने पर पिता द्वारा मृतका की शिनाख्त की गई।