शराब की दुकानें : मॉडल शॉप का सालाना लाइसेंस शुल्क 60,000 से बढ़ाकर 85,000 रुपये किया गया है। कंपोजिट शाॅप जिसमें अंग्रेजी शराब और बियर की दुकान एक में होती हैं, उनका शुल्क 75,000 हजार रुपये तय किया गया है। अभी तक अंग्रेजी शराब व बियर की दुकानों के लिए शुल्क की दरें अलग-अलग थीं।
चिकित्सा से जुड़े लाइसेंस : सदन ने 50 बेड तक के नर्सिंग होम व प्रसूति गृह का लाइसेंस शुल्क 7500 रुपये सालाना से बढ़ाकर 13,000 रुपये किया है। इसी तरह पैथाेलॉजी का शुल्क 5000 से बढ़ाकर 10,000 रुपये किया है। डेंटल क्लीनिक का शुल्क पहले की तरह 10,000 ही रखा गया है। जो लोग अप्रैल से जून के बीच लाइसेंस नवीनीकरण नहीं कराएंगे, उनको एक हजार रुपये विलंब शुल्क भी देना होगा।
तीन गुना बढ़ीं शो टैक्स की दरें
मल्टीप्लेक्स में अभी प्रति शो 100 रुपये शो टैक्स लिया जाता है। इसे बढ़ाकर 300 रुपये प्रति शो किया गया है। वातानुकूलित सिनेमा घर सिंगल स्क्रीन का शो टैक्स 50 रुपये प्रति शो है, जो अब 100 रुपये किया गया है। बढ़ी हुई दरों का असर सिनेमा के टिकट के मूल्य पर पड़ सकता है।
अब पैसा देने पर मिलेगा पानी का टैंकर
जलकल अब सिर्फ पूजा, भंडारा व सामाजिक कार्यों के लिए ही निशुल्क पानी का टैंक उपलब्ध कराएगा। अन्य निजी कार्यों के लिए एक टैंकर पानी के लिए 500 रुपये शुल्क लिया जाएगा जो एक घंटे के लिए मान्य होगा। एक घंटे में टैंकर खाली कर वापस करना होगा। 24 घंटे के लिए टैंकर लेने पर 1000 रुपये देने होंगे। पार्षदों की संस्तुति पर 25 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।